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कलेक्ट्रेट विनियमित दफ्तर में मची लूट

अब कई माह से लंबित दर्जनों भवनों के नक्शे  पखवारे भर में हो जायेंगे स्वीकृत 


        सुल्तानपुर सूत्रो की माने तो पखवारे भर से सुविधा शुल्क के रूप में लाखो रु. की डील कर पत्रावली स्वीकृत होने जा रही है।वजह भी साफ है कि चाहे व्यवसायिक भवन हो या आवासीय।सभी नक्शे की फाइलों में सारी शर्ते पूरी कर एक दो माह से नहीं सालो साल से धूल फांक रही थी।लंबित होने के पीछे भवन स्वामी /प्रापर्टी डीलर सुविधा शुल्क हजारों में दे रहे थे।लेकिन लाखो के चक्कर में स्वीकृत नहीं मिल रही थी।अब मोटी रकम ले कर बैक डेट में स्वीकृत देने पर कवायद शुरू हो गई हैं। विदित रहे कि महकमे के जेई ज्ञान प्रकाश पांडेय व वरिष्ठ लिपिक जेपी सिंह यानी दोनो जिम्मेदारो का रिटायरमेंट इसी माह 31अगस्त को हैं।ऐसे में भागे भूत का-- ??। यदि रिटायरमेंट न होता तो ये सब मोटी रकम न मिलने पर अगल बगल के भूखंड स्वामी से अप्लिकेशन ले मुकदमा करा विवादित कराने में माहिर रहे है। खैर हो चाहे जो अब उम्मीद है कुछ भवन स्वामी चलते चलते नक्शे की स्वीकृत पा जायेंगे।लेकिन यह तो तय है बिना शुल्क लिए कतई संभव। जेई साहब करे भी क्या, दफ्तर के कोई बाबू उनकी डीलिंग सुन न ले इसलिए आफिस से बाहर खड़े हो सेटिंग में जुटे है। कहते भी हैं कि अफसर ही नही सीएम तक शिकायत कर दो कोई फर्क नही पड़ने वाला है।

एक कत्ल: यूपी की राजनीति में लव, सेक्स और मर्डर, बदल गई सियासत | Madhumita Shukla | UP News | Murder

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