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कागज़ की किताबें या “सोने-चांदी” का कारोबार ? शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर सवाल

अभिभावकों की जेब पर बढ़ता बोझ, निजी स्कूलों, प्रकाशकों की सांठगांठ पर उठे गंभीर प्रश्न सुल्तानपुर       जिले में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूलों में इस्तेमाल होने वाली पाठ्यपुस्तकों की कीमतों को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम धारणा बनती जा रही है कि कागज़ से छपने वाली इन किताबों के दाम ऐसे वसूले जा रहे हैं, मानो वे “सोने-चांदी” से तैयार की गई हों। स्थानीय स्तर पर कई अभिभावकों का कहना है कि हर साल नए सत्र में स्कूलों द्वारा निर्धारित की गई किताबें केवल चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध होती हैं, जहां उनकी कीमत बाजार दर से कहीं अधिक होती है। इससे यह संदेह गहराता है कि स्कूल प्रबंधन और प्रकाशकों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत है। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली मोटी किताब छापने की वास्तविक लागत इतनी अधिक नहीं होती,जितनी कीमतपाठ्य पुस्तकों की कीमत छात्रों से वसूली जाती है। इसके बावजूद, अभिभावकों को मजबूरन वही किताबें खरीदनी पड़ती हैं, क्योंकि स्कूलों में अन्य विकल्प स्वीकार नहीं किए जाते। शिक्षा माफियाओं का जाल? ...
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एपस्टीन फ़ाइल्स: पैसा, ताक़त और यौन हिंसा के उस मर्दाना तंत्र का नाम, जिसने दुनिया को हिला दिया...

कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया, जहाँ अपराध का पैमाना यह ना हो कि क्या गलत है, बल्कि यह हो कि गलती करने वाला कितना ताकतवर है। जहाँ यौन हिंसा की शिकार लड़कियों की आवाज़ को दबाने के लिए अरबों डॉलर, जासूस और वकीलों की फ़ौज खड़ी कर दी जाए। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि जेफ़री एपस्टीन नाम की उस दरिंदगी की असल ज़िन्दगी है, जिसके दस्तावेज़ आज 'एपस्टीन फ़ाइल्स' के नाम से दुनिया के सामने हैं। एपस्‍टीन की ऐसी ही एक महत्‍वपूर्ण सहयोगी  गिलेन मैक्सवेल  को साल 2021 में नाबालिग लड़कियों को फुसलाने और उनका यौन शोषण कराने में सहयोग के इल्‍ज़ाम में मुजर‍िम ठहराया गया. लड़क‍ियों के ल‍िए मर्दाना ताक़त का कुचक्र अँधेरे कुएँ की तरह है. उन्‍हें फँसाया जाता है. वे फ‍िर मानो क‍िसी दलदल में फँसती चली जाती हैं. यह महज़ कुछ कागज़ों का ढेर नहीं है। यह उस मर्दाना सत्ता तंत्र का आईना है, जो सदियों से चुपके-चुपके अपने जाल बुनता आ रहा है। एपस्टीन और उसकी सहयोगी गिलेन मैक्सवेल ने अमीरी, रसूख और राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर एक ऐसा अंडरग्राउंड नेटवर्क खड़ा किया, जहाँ मासूम लड़कियां एक करेंसी की तरह इस्तेमाल की गईं...

16 से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया!

कोर्ट की टिप्पणी ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या भारत में भी बच्चों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम के दरवाजे बंद होने वाले हैं?" मदुरै (तमिलनाडु): सोशल मीडिया की दुनिया बच्चों की मासूमियत के लिए अब एक बड़ा खतरा बनती जा रही है. अश्लील सामग्री की आसान पहुंच और रील की लत से बच्चों को बचाने के लिए अब मद्रास हाई कोर्ट ने एक बेहद सख्त रुख अपनाया है. ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर लगे सोशल मीडिया बैन का उदाहरण देते हुए अदालत ने केंद्र सरकार से भारत में भी इसी तरह की पाबंदी लागू करने पर विचार करने को कहा है. मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने केंद्र सरकार को 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया वेबसाइटों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है. न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के.के. रामकृष्णन की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की. केंद्र और राज्य सरकारों ने इस मामले पर अपने तर्क पेश किए. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीशों ने अपना आदेश जारी किया. पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2017 में जारी आदेश के अनुसार, यह पुष्टि हो चुकी है कि ऐसे विवादास्पद और अश्लील ...

सुल्तानपुर में वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध कब्जा?

कब्रिस्तान की कब्रें तोड़कर भूमि समतल, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप  एक आम समस्या है, जिसमें वक्फ माफियाओं और कुछ प्रभावशाली लोगों पर गरीबों की संपत्तियों पर कब्जा करने, अवैध निर्माण करने और उन्हें बेचकर आर्थिक लाभ उठाने के आरोप लगते हैं, जिससे जरूरतमंदों को कोई फायदा नहीं होता ; इस पर सरकारें सख्त कानून और संशोधन ला रही हैं, और प्रशासन को अवैध कब्जों को हटाने और कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यह मामला जटिल है और कोर्ट-कचहरी के चक्कर भी लगते हैं, सुल्तानपुर। कोतवाली नगर क्षेत्र के खैराबाद स्थित जमाल गेट के पास वक्फ बोर्ड में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। वक्फ बोर्ड के अभिलेखों में गाटा संख्या 296 के रूप में दर्ज इस कब्रिस्तान की कच्ची व पक्की कब्रों को क्षतिग्रस्त कर गुरुवार रात भूमि को समतल कर दिया गया। आरोप है कि समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सैयद रहमान उर्फ मानू द्वारा लोहे के एंगल और टीन की चादरों से घेराबंदी कर इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। स्थानीय लोगों का ...

आज के लैला मजनू.. प्यार की जंग में पार किया भारत-पाक बॉर्डर, जानें इस पाकिस्तानी जोड़े की कहानी...

लैला मजनू.. हीर रांझा.., ये वो जमाना था, जब लोग अपने प्यार के लिए मौत को गले लगा लेते थे. अब ऐसा जमाना आ गया है, जहां प्यार पाने के लिए परिवार और समाज के खिलाफ जाकर बॉर्डर पार कर दे रहे हैं.  इसका एक उदाहरण तो हमारे सामने है, सीमा हैदर, जिसने सचिन के लिए अपने देश पाकिस्तान और परिवार को छोड़कर भारत आ गई. अब ऐसा ही और मामला सामने आ रहा है, जहां अपने प्यार को मुकम्मल करने के लिए फिर से एक पाकिस्तानी जोड़े ने भारत-पाकिस्तान का बॉर्डन पार कर दिया. प्यार के लिए अपने देश, परिवार को छोड़कर भारत आई सीमा की कहानी से ये मामला थोड़ा अलग है. यहां दोनों ही पाकिस्तानी है और अपने प्यार के लिए घर से भागकर भारत आ गए. लेकिन यहां चौंकाने वाली चीज इनकी उम्र है, इनकी उम्र इतनी कम है कि आपको एक बार फिर अपना बचपन का प्यार याद आ जाएगा. . . पाकिस्तानी जोड़े को गुजरात के कच्छ से पकड़ा गया. कच्छ के वगाड इलाके के खादिर आइलैंड के रतनापुर गांव के जंगलों में दोनों घूम रहे थे. अजनबी जोड़े को देखकर गांव वालों ने पूछताछ की, दोनों ने खुद को पाकिस्तानी बाताया. बातचीत में पता चला, कि लड़के की उम्र 16 साल है और लड़की 14...

शोभायात्रा पर पथराव-दुर्गा प्रतिमा खंडित, आस्था के पर्व पर दिखा इस्लामी कट्टरपंथियों का आतंक

गरबा पंडाल में नाम बदलकर घुसे मुस्लिम युवक, हिंदू युवतियों से की छेड़खानी = तुम कितने भी बड़े सेक्युलर बनकर निभाते रहो भाई_चारा, उनको नहीं निभाना... हिंदुओं की आस्था से जुड़े पर्वों पर आतंक फैलाना जिहादियों की आदत बनती जा रही है। हर साल की तरह इस बार भी नवरात्रि के मौके पर आयोजित दुर्गा पूजा और गरबा पंडालों को इस्लामी कट्टरपंथियों का कहर देखने को मिला। कुछ जगहों पर मुस्लिम युवकों ने जबरन घुसकर महिलाओं से छेड़खानी की तो कहीं मजहब के नाम पर दंगे फैलाए गए। वहीं, दूसरी ओर सनातन संस्कृति की रक्षा को लेकर भी इस बार कुछ खास पहलें देखने को मिलीं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने वाले बोर्ड लगाए गए। इसके साथ ही गरबा पंडालों में लव जिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ जागरूकता संदेश प्रसारित किए गए। ‘ आई लव मोहम्मद’ स्टेटस पर गरबा पंडाल में पथराव... गुजरात के गाँधीनगर में ‘आई लव मोहम्मद’ का स्टेटस लगाने के बाद हिंसा हुई थी। इसके लगाने को लेकर इस्लामी कट्टरपंथियों ने गरबा पंडाल और दुकानों पर हमला कर पथराव और आगजनी की गई। पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए 70 आरोपितों...

थकान के कारण रात में गहरी नींद में सो रहे थे 50 श्रद्धालु, नींद खुली चीख पड़े...

जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सीहीपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास वाराणसी-लखनऊ हाइवे पर हुए हादसे को याद कर घायल और अन्य श्रद्धालु सिहर जा रहे हैं। वह बस यही कह रहे कि अयोध्या में दर्शन करने के बाद सभी 50 श्रद्धालु सामूहिक भोजन किए।  इसके बाद अपनी-अपनी सीट पर बैठे और थकान के कारण गहरी नींद में चले गए। रात करीब ढाई बजे अचानक धमाका जैसी आवाज और झटका लगने पर उनकी नींद खुल गई। इसके बाद उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। किसी के ऊपर सामान गिरा था तो कोई खिड़की में फंस गया था। घायल वीपेन मंडल, वीरेंद्र मंडल ने बताया कि वे 50 लोगों समूह सात सितंबर को छत्तीसगढ़ से निकले। 10 दिन के इस धार्मिक भ्रमण के लिए प्रति व्यक्ति 8-8 हजार रुपये का पैकेज था। साथ में खाना और खाना बनाने वाले भी थे। सभी श्रद्धालु पहले अमर कंटक, मैहर देवी, चित्रकूट, वृंदावन रविवार अयोध्या पहुंचे थे। जहां रामलला का दर्शन किया और अन्य मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की। इसके बाद ऑटो से अयोध्या घूमे और मोबाइल में तस्वीर भी कैद की।     रात खाना खाने के बाद हम सभी बस में बैठ गए। वह सोमवार को सुबह तक वाराणसी पहुंचते। जहां श्रीकाशी ...