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भीषण गर्मी में जाम से जूझ रहा शहर, जिम्मेदार मौन?

होम गार्ड के सहारे संचालित किया जा रहा है यातायात जबकि इस भीषण जाम की स्थिति से निपटने के लिए बनानी चाहिए थी कोई ठोस रणनीति !



 सुल्तानपुर 

बताते चलें कि जिस तरह से PWD विभाग व कार्यदायी संस्था गोपालदास के पुल का निर्माण कर रही हैं उससे स्थिती और बिगड़ती नज़र आ रही हैं,अगर युद्ध स्तर पर कार्य ना किया गया तो जाम की स्थिती यूँ ही बनी रहेगी आने जाने वाले लोगों को गर्मी की मार के साथ साथ हर रोड पर जाम की स्थिति से भी सामना करना पड़ रहा है!


इस भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों के साथ साथ उनके माता पिता भी इस भीषण गर्मी में उत्पन्न हुई इस जाम की स्थिति से पूरी तरह से त्रस्त है !


सबसे बड़ी और अहम बात तो ये हैं कि यातायात नियमों का पालन कोई कर नहीं रहा है और धलड़ले से ई रिक्शा वाले जिसमे नाबालिग़ लड़के,बूढ़े व्यक्ति और जिनके के पास जरा भी यातायात नियमों का ज्ञान नहीं हैं और ना तो ड्राइविंग लाइसेंस ही है उनके पास, वो भी इस भीषण जाम का मुख्य कारण बने हुए हैं इसमें यातायात पुलिस को करनी चाहिए कोई ठोस कार्यवाही,जो जहाँ पाता है वो ई रिक्शा वाला उधर ही निकल पड़ता है यदि ई रिक्शा चालकों पर हो ठोस कार्यवाही तो शायद कुछ हद तक जाम की स्थिति से निपटा जा सकता है?


इस भीषण जाम की यातायात व्यवस्था में स्कूली बच्चे,मरीज (एम्बुलेंस),और बूढ़े सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं सब के सब इस भीषण जाम की व्यवस्था में त्रस्त हो रहे हैं पुलिस प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से लेना होगा निर्णय अन्यथा पुल बनने तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी जब कि त्यौहारो का सीजन भी चल रहा है...?

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