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तड़पता रहा घायल नन्हा सारस,भागते रहे जिम्मेदार, फरिश्ता बन पहुँची यूपी पुलिस ने कराया उपचार..

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी सारस भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। लेकिन भारत में इसकी आबादी सबसे ज्यादा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में सारस की संख्या 15 से 20 हजार के आसपास है। ये उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार में पाए जाते हैं। ये अक्सर वेटलैंड्स यानी दलदली भूमि में पाए जाते हैं। इनका घोंसला छिछले पानी के पास हरी-भरी झाड़ियों और घास में पाया जाता है ।


   मंगलवार की शाम कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के आरडीह ( पूरे मेहरबान  ) गांव मे हाइटेंशन लाइन की चपेट मे आने से एक नन्हा सारस घायल अवस्था मे दिखा जिसे कुत्ते चारो तरफ से घेर रखा था, मौके पर पहुंचे गौ पालक घनश्याम सिंह ने सारस को कुत्तो के चंगुल से मुक्त करा कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा कर मामले की जानकारी ग्रामीणो को दी, ग्रामीणो ने इसकी जानकरी डायल 112 पर की। मौके पर पहुंची पीआरवी यूपी 32 डीजी 2808 ने कई बार वन विभाग व स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन लापरवाह लोग फोन तक उठाना मुनासिब नही समझा, तब ग्रामीणो ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। उसके बाद वन विभाग और पशु चिकित्सक भी मौके पर पहुंच कर घायल सारस को उपचार हेतु अपने साथ लेकर गये। 


घायल सारस के लिए फरिश्ता बन कर पहुंची यूपी पुलिस


घायल सारस की सूचना पर पहुंची पुलिस के जवान गिरजा शंकर व राजेश कुमार ने मौके पर पहुंच कर वन विभाग व स्वास्थ्य विभाग को अपने सरकारी नंबर से फोन करते रहे लेकर फोन नही उठा, फिर दोनो जवानो ने खुद ही उपचार शुरू कर दिए इसी बीच ग्रामीणो ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की, उसके बाद हरकत मे आए पशु चिकित्साधिकारी व वन विभाग, मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार कर सारस को आराम करने की सलाह दी। कुछ देर बाद यूपी पुलिस के जवान गिरजा शंकर व राजेश कुमार ने घायल सारस को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया।

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