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मथुरा-वृंदावन के होटल हुए फुल,नए साल पर उमड़ेगा सैलाब, तीन दिन में पहुंचे 18 लाख श्रद्धालु

धर्म नगरी वृंदावन में न‌ए साल को मनाने के लिए दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों के लोगों में बर्फ की वादियों से ज्यादा बांकेबिहारी का दर्शन करने की लालसा है। सर्दियों की छुट्टियां बिताने और नया साल मनाने के लिए श्रद्धालु बांकेबिहारी के दर्शनों के लिए आ रहे हैं। बीती 23, 24 और 25 दिसंबर की बात करें तो लगभग 18 लाख श्रद्धालु वृंदावन पहुंचे।जबकि क्रिसमस पर कुल्लू-मनाली जाने वाले पर्यटकों के आंकड़े 10-15 ही बताए जा रहे हैं। वहीं, शिमला में लगभग 1.5 लाख पर्यटक पहुंचे।नए साल के मद्देनजर मथुरा-वृंदावन के लगभग 400 करीब होटलों में एडवांस बुकिंग हो चुकी है। कमरों का किराया दो से तीन गुना मांगा जा रहा है।

 

सप्ताहांत और क्रिसमस के दिन बांकेबिहारी का दर्शन करने के लिए दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान से लगभग 18 लाख श्रद्धालु बांकेबिहारी का दर्शन करने आए और अब भी 2-3 लाख लोगों के आने का सिलसिला जारी है। नए साल की पूर्व संध्या और एक जनवरी को लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने पांच जनवरी तक बाहरी वाहनों पर वृंदावन में प्रवेश पर रोक लगा दी है। भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।

बांकेबिहारी मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत का कहना है कि सर्दियों की छुट्टी हो या फिर त्यौहार या नया साल।इन मौकों पर देशभर से लाखों श्रद्धालु बांकेबिहारी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यह सिलसिला एक जनवरी से दो दिन पहले से पांच जनवरी तक बना रहता है। 

फोगला आश्रम के प्रबंधक जागेश्वर प्रसाद यादव ने बताया कि उनके दोनों भवनों में 200 कमरे हैं, जो कि 12 नवंबर से 11 जनवरी तक फुल हैं। एक से दो माह पहले से ही कमरों की बुकिंग हो रही है। अन्य वर्षों की तुलना में इस बार ज्यादा श्रद्धालु वृंदावन आ रहे हैं। यही हाल वृंदावन के अन्य होटल और गेस्टहाउस का है। सभी हाउसफुल हैं और प्रति कमरा किराया भी दो से तीन गुना हो गया है।

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