Skip to main content

Paytm बैन क्या RBI से हुई कोई गलती? Yes Bank से कैसे जुड़े हैं तार...

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैन लगाया हुआ है. 29 फरवरी के बाद लोग पेटीएम पेमेंट्स बैंक से जुड़े खातों में ना तो पेमेंट स्वीकार कर पाएंगे और ना ही कोई नई राशि उसमें डाल पाएंगे. पेटीएम के ग्राहकों की संख्या करीब 3 करोड़ है, ऐसे में क्या आरबीआई ने भी कोई गलती की है?

देश में जब पेमेंट्स बैंक की अवधारणा का जन्म हुआ, तब आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने एक बयान दिया था, जो आजकल काफी वायरल हो रहा है. उन्होंने कहा था कि ये ‘इनोवेटिव कंपनियां’ हैं जो रेग्युलेशंस को ज्यादा पसंद नहीं करती हैं. रघुराम राजन को आरबीआई गवर्नर का पद छोड़े करीब 8 साल हो चुके हैं और आरबीआई पेटीएम पर बैन लगा चुका है. जिस तरह से आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बैन लगाया है, क्या उसमें उसकी तरफ से भी कोई गलती हुई है.

पेटीएम से पहले देश में इतने बड़े स्तर पर यस बैंक के डूबने की घटना सामने आई थी. यस बैंक के मामले में तो उसके पास फुल बैंकिंग लाइसेंस था, ना कि पेटीएम की तरह सिर्फ पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस. लेकिन जब यस बैंक के डूबने की घटना हुई, तब आरबीआई की चिंता ग्राहकों के साथ-साथ बैंकिंग सेक्टर को बचाने की भी थी.

आरबीआई और सरकार ने मिलकर यस बैंक को डूबने से बचाया था. उसे बचाने के लिए एसबीआई को आगे लाया गया, इतना ही नहीं एसबीआई को यस बैंक में 26 महीने तक निवेश बनाए रखने के लिए भी कहा गया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के केस में इस बात का ख्याल नहीं रखा गया.

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बैन और अधर में ग्राहक

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बैन लगाते वक्त ग्राहकों की ‘सुरक्षा’ का तो ध्यान रखा है, लेकिन पेमेंट्स बैंक इंडस्ट्री के बारे में कोई रोडमैप नहीं दिया. दरअसल रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि जब देश में करोड़ों लोगों के लिए ‘डिजिटल पेमेंट’ का मतलब ही है ‘पेटीएम कर दो’, तब इतने बड़े प्लेयर पर बैन लगाने से देश में डिजिटल पेमेंट्स के सिस्टम को लेकर लोगों का कॉन्फिडेंस कम होगा.

देशभर में होने वाले डिजिटल ट्रांजेक्शंस में करीब 24 प्रतिशत ट्रांजेक्शंस सिर्फ पेटीएम से होते हैं. इसमें यूपीआई और वॉलेट से होने वाले ट्रांजेक्शन शामिल हैं. इतना ही नहीं ब्लूमबर्ग में छपे लेख में इस बात पर भी ध्यान दिलाया गया है कि आरबीआई की पेटीएम बैन की प्रेस रिलीज में ये तो बताया गया है कि किस तरह से पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बैन लगाया गया है. लेकिन इस बारे में बिलकुल भी जानकारी नहीं दी गई है कि उससे जुड़े करोड़ों ग्राहक क्या करें. जबकि यस बैंक के मामले में आरबीआई ने ग्राहक क्या करें और क्या नहीं करें, उसे लेकर डिटेल्ड जानकारी दी थी.

RBI लेकर आ सकता है स्पष्टीकरण

पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बड़े कस्टमर बेस को देखते हुए आरबीआई अब बैन को लेकर स्पष्टीकरण लेकर आ सकता है. ईटी की एक खबर के मुताबिक फाइनेंशियल सर्विस के सचिव विवेक जोशी का कहना है कि आरबीआई ने ये कदम ग्राहकों की सुरक्षा के लिए उठाया है. ऐसे में पेटीएम के करोड़ों ग्राहकों को देखते हुए अब आरबीआई इस बारे में स्प्टीकरण जारी कर सकता है.

UP में लागू हो पत्रकार सुरक्षा कानून | गुजारा भत्ता, Cash less इलाज की सदन में मांग | आशुतोष सिन्हा

Comments

Popular posts from this blog

लापता वकील अर्चना तिवारी का कांस्टेबल से क्या था कनेक्शन? सिर्फ टिकट बुकिंग तक बातचीत या

मध्य प्रदेश से 12 दिनों से लापता वकील अर्चना तिवारी को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से बरामद किया गया। मामले की जांच की जा रही है। 12 दिनों से लापता वकील अर्चना तिवारी को बरामद कर लिया गया है। वह मध्य प्रदेश से लापता हो गईं थी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमा के पास से उनको बरामद किया गया है। लखीमपुर खीरी में मिली अर्चना तिवारी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार देर रात अर्चना तिवारी को बरामद किया गया। भोपाल राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के SP राहुल कुमार लोढ़ा ने एक वीडियो मैसेज के जरिए उनकी बरामदगी की पुष्टि की। जीआरपी की एक टीम ने उन्हें लखीमपुर खीरी में रिसीव किया है और उन्हें बुधवार को भोपाल लाया जाएगा। लोढ़ा ने कहा, "7 अगस्त से लापता अर्चना तिवारी को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बरामद कर लिया गया है। भोपाल लाए जाने के बाद, हम उनसे पूछताछ करेंगे और फिर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।" कटनी ट्रेन में यात्रा करते समय हुईं थी लापता कटनी निवासी अर्चना तिवारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रही थीं। साथ ही सिविल जज परीक...

GST हो गया कम, अब दिवाली-छठ पर झूम जाएगा मन, जानिए क्या-क्या होगा सस्ता...

New  GST  Rate: सितंबर 2025 की बैठक में बड़े बदलाव किए गए। अब सभी तरह की ब्रेड (पराठा, रोटी, खाखरा, पिज्जा ब्रेड) पर  जीएसटी  पूरी तरह  खत्म  कर दिया गया है। कपड़े और फुटवियर 2500 रुपये तक  सस्ते  होंगे, इन पर 5% टैक्स लगेगा। हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस (5 लाख तक) और कुछ रोज़मर्रा की चीज़ों पर भी राहत मिली। त्योहारों से पहले मोदी सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है. दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर इस बार मन झूम उठेगा. सरकार ने जीएसटी अब कम कर दिए हैं. जीएसटी स्लैब में बदलाव से आम दिन चर्या की बहुत सी चीजें सस्ती हो जाएंगी. नई दिल्ली: बुधवार को जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक हुई. इस बैठक में ही कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होंगे. अब जीएसटी स्लैब 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत को समाप्त कर दिया गया है. इन स्लैब में अधिकांश जरूरी चीजें शामिल हैं. विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब होगा, जो 40 प्रतिशत है. पूरे देश में जीएसटी में बदलाव का फैसला 22 सितंबर से लागू ...

आज के लैला मजनू.. प्यार की जंग में पार किया भारत-पाक बॉर्डर, जानें इस पाकिस्तानी जोड़े की कहानी...

लैला मजनू.. हीर रांझा.., ये वो जमाना था, जब लोग अपने प्यार के लिए मौत को गले लगा लेते थे. अब ऐसा जमाना आ गया है, जहां प्यार पाने के लिए परिवार और समाज के खिलाफ जाकर बॉर्डर पार कर दे रहे हैं.  इसका एक उदाहरण तो हमारे सामने है, सीमा हैदर, जिसने सचिन के लिए अपने देश पाकिस्तान और परिवार को छोड़कर भारत आ गई. अब ऐसा ही और मामला सामने आ रहा है, जहां अपने प्यार को मुकम्मल करने के लिए फिर से एक पाकिस्तानी जोड़े ने भारत-पाकिस्तान का बॉर्डन पार कर दिया. प्यार के लिए अपने देश, परिवार को छोड़कर भारत आई सीमा की कहानी से ये मामला थोड़ा अलग है. यहां दोनों ही पाकिस्तानी है और अपने प्यार के लिए घर से भागकर भारत आ गए. लेकिन यहां चौंकाने वाली चीज इनकी उम्र है, इनकी उम्र इतनी कम है कि आपको एक बार फिर अपना बचपन का प्यार याद आ जाएगा. . . पाकिस्तानी जोड़े को गुजरात के कच्छ से पकड़ा गया. कच्छ के वगाड इलाके के खादिर आइलैंड के रतनापुर गांव के जंगलों में दोनों घूम रहे थे. अजनबी जोड़े को देखकर गांव वालों ने पूछताछ की, दोनों ने खुद को पाकिस्तानी बाताया. बातचीत में पता चला, कि लड़के की उम्र 16 साल है और लड़की 14...