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अरब सागर में नौसेना का दम! समुद्री लुटेरों के खिलाफ नेवी का ऑपरेशन…

 भारत ने समंदर में मर्चेंट शिप एमवी रूएन को समुद्री लुटेरों से छुड़ाकर अपने बढ़ते प्रभाव का एक और उदाहरण पेश किया है. 2600 किलोमीटर दूर से मरीन कमांडो ने 35 समुद्री लुटेरों से सरेंडर करवाया और शिप पर मौजूद चालक दल के 17 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

मर्चेंट शिप एमवी रूएन को समुद्री लुटेरों से छुड़ाकर भारत ने समंदर में अपने बढ़ते प्रभाव का एक और उदाहरण पेश किया है. 2600 किलोमीटर दूर से मरीन कामंडो ने 35 समुद्री लुटेरों से सरेंडर करवाया और शिप पर मौजूद 17 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।कैसे 35 समुद्री डाकुओं से छुड़ाया जहाज।

14 दिसंबर, 2023 को मर्चेंट शिप को समंदर में समुद्री डाकुओं ने हाईजैक कर लिया था. शिप पर 17 दल अधिक दल बुल्गारिया, म्यांमार और अंगोला से थे. आईएनएस कोलकाता ने 40 घंटे से भी ज्यादा समय तक चले ऑपरेशन में एमवी रूएन को छुड़ा लिया. मिशन में वॉरशिप आईएनएस सुभद्रा, मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट P-8I, हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस ड्रोन को भी शामिल किया गया था. इसके अलावा, वायुसेना के एयरक्राफ्ट C-17 से इंडियन नेवी के समुद्री कमांडो (Marcos) भेजे गए थे. 10 घंटे तक यह विमान उड़ता रहा. इस दौरान, समुद्री कमांडो ने एमवी रूएन पर मौजूद 35 डाकुओं को घेर लिया और उन्हें निहत्था करके सरेंडर करवाया।

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी ताकत का एहसास कराया है. नौसैनिकों ने शनिवार को अरब सागर के बीच में एमवी रुएन जहाज (EX-MV Ruen) को रोक कर समुद्र के बीचो-बीच ऑपरेशन को अंजाम दिया. माल्टा ध्वज वाले इस जहाज का सोमाली समुद्री डाकुओं ने पिछले साल दिसंबर में अपहरण कर लिया था.

भारतीय नौसेना ने बताया कि खुले अरब सागर में समुद्री डकैती के लिए पूर्व-एमवी रूएन जहाज का उपयोग करने से सफलतापूर्वक रोका गया है. रुएन को 14 दिसंबर, 2023 को सोमाली समुद्री डाकुओं ने अपहरण कर लिया था. इस दौरान भारतीय नौसेना के युद्धपोत पर डकैतों ने गोलीबारी भी की, जिसके बाद नौसेना अधिकारियों ने उन्हें करारा जवाब दिया है.

डाकुओं ने किया था अपहरण

नौसेना वर्तमान में अपहरण किए गए जहाज और समुद्री लुटेरों के खिलाफ और उनसे उत्पन्न खतरे को बेअसर करने के लिए इंटरनेशनल कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है. यएमवी रूएन जहाज एक ऐसा जहाज है, जिसे सोमाली डकैत इस्तेमाल कर रहे थे. जहाज को रोके जाने के बाद डकैतों ने नौसेना के युद्धपोत पर हमला किया. जिसका नेवी की तरफ से मुंहतोड़ जवाब दिया गया. समुद्री लुटेरों के खिलाफ नेवी के चले इस ऑपरेशन एक वीडियो भी सामने आया है.

नौसना ने कहा कि जहाज पर सवार समुद्री डाकुओं को आत्मसमर्पण करने और क्रू मेंबर्स की रिहाई के प्रयास चल रहे हैं. नेवी ने अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई है. नौसना ने आगे कहा कि भारतीय नौसना क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

एक दिन पहले बांग्लादेशी जहाज को नेवी ने बचाया

भारतीय नौसेना ने एक दिन पहले शुक्रवार को बांग्लादेशी जहाज को सोमालिया के समुद्री डाकुओं से बचाया था. बांग्लादेशी मर्चेंट जहाज अब्दुल्लाह मोजाम्बिक से संयुक्त अरब अमीरात के लिए निकला था. इस जहाज पर 12 मार्च को 15 से 20 डाकुओं ने हमला कर दिया था. जानकारी के मुताबिक, इस जहाज पर 23 क्रू मेंबर्स सवार थे. हाइजैक की सूचना मिलते ही भारतीय नेवी ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन किया और जहाज को डाकुओं से बचा लिया गया. बांग्लादेशी मर्चेंट जहाज पर 55 हजार टन कोयला मौजूद था.

VIDEO:-

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