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जानलेवा सूखा नशा पांच डोज के बाद लग जाती है लत, पाउडर की आदत छुड़ाना मुश्किल..

 दरअसल ब्राउन शुगर को अफीम से बनाया जाता है, इसे बनाने के लिए अफीम, हेरोइन और स्मैक तीनों का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इसका नशा बेहद घातक होता है. कई बार इसके हैवी डोज से इंसान की जान भी चली जाती है.


नशे की लत से खोखली हो रही युवा पीढ़ी,पढ़ाई व काम धंधा छोड़ कर रहे नशा, पुलिस मूकदर्शक: अफीम, गांजा व स्मैक के आदी हो रहे नौजवान

‼️ यूपी/सुलतानपुर। कोतवाली नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत करौंदिया, विवेकनगर,पयागीपुर,अमहट, पांचोपीरन कस्बा,बिनोवापुरी, सहित आसपास के मोहल्ले में युवा पीढ़ी नशे के आगोश में आती जा रही है। नशे का मकरजाल धीरे-धीरे पूरे जनपद में पूरी तरह से अपने पैर पसार चुका है। शराब के सेवन से मुंह में आने वाली बदबू से बचने के लिए युवा सूखा नशा करने लगे हैं। पुलिस प्रशासन की अनदेखी के चलते नगर के वार्ड सहित ग्रामीण क्षेत्र के कई गांवों में स्मैक,गांजा,अफीम, चरस सहित अन्य मादक पदार्थ का करोबार बढ़ रहा है। परिजनों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि युवक सिगरेट के सहारे सूखे नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। जिसके जाल में 20 से 30 वर्ष की आयु के युवा फंस रहे हैं। जानकार सूत्रों ने बताया कि 300 से 500 रुपए तक कीमत में नशे की पुडिया बेची जाती है। जिसका सुनसान जगह पर युवा समूह के रूप में बैठकर सेवन करते हैं। सूत्रों की माने तो नशे के कारोबारी स्थान बदल-बदल कर नशा बेच रहे हैं। नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के परिजनों ने बताया कि पुलिस सतर्कता से कार्रवाई करे तो इस कारोबार पर अंकुश लगाकर युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाया जा सकता है।

जनपद में नशे के सौदागरों का जाल फैलता जा रहा है, युवा नशे के आदी होते जा रहे हैं, इनमें सबसे घातक ब्राउन शुगर साबित हो रहा है, इसका सिर्फ पांच डोज लेने से लोग इसके आदी हो जाते है, आपको बताते चलें कि नशे के तस्करों का जाल लगातार फैलता जा रहा है, नगर क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र भी तस्करों के जद में हैं, खासकर सूखा नशा युवा पीढ़ी के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है,ब्राउन शुगर,कोकीन और ब्लैक स्टोन की लत युवाओं को अपराध की दुनिया की तरफ धकेल ही रही है, साथ मे उन्हें मानसिक रोगी भी बना रही है, सबसे खतरनाक है ब्राउन शुगर पिछले दो वर्षों के दौरान जनपद में ब्राउन शुगर का कारोबार तेजी के साथ पनपा है, जानकारों की मानें तो ब्राउन शुगर का नशा सबसे ज्यादा घातक है, डॉक्टरों के अनुसार सूखे नशे में पहले सिर्फ गांजा का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब गांजा पुरानी बात हो चुकी है,अब सबसे ज्यादा प्रचलन में ब्राउन शुगर है,ब्राउन शुगर बेहद घातक नशा है, पांच डोज के बाद आदि हो जाता है इंसान, नशे के तस्कर ब्राउन शुगर को 0.10 ग्राम का पुड़िया बना कर बाजार में बेचते हैं. नशे के आदि युवाओं को हर दिन 0.30 ग्राम की जरूरत होती है, अगर इतना ब्राउन शुगर उन्हें एक दिन नहीं मिलेगा तो वे बेचैन हो जाते हैं, नशे के आदि दिन भर में 0.30 ब्राउन शुगर को एक डोज का नाम देते है, डॉक्टर बताते हैं कि अगर कोई भी इंसान लगातार पांच डोज ब्राउन शुगर का ले लेता है तो वह इस नशे का आदि हो जाता है, इसके बाद हर दिन ब्राउन शुगर का डोज उस इंसान को हर कीमत पर चाहिए ही, दरअसल ब्राउन शुगर को अफीम से बनाया जाता है, इसे बनाने के लिए अफीम, हेरोइन और स्मैक तीनों का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इसका नशा बेहद घातक होता है, कई बार इसके हैवी डोज से इंसान की जान भी चली जाती है, आपको बताते चलें कि ब्राउन शुगर का इस्तेमाल ग्रुप में होता है, कई ऐसे ग्रुप बने हुए हैं जिसमें 12 से ज्यादा युवा शामिल हैं और वह सभी ब्राउन शुगर का इस्तेमाल करते हैं, नए लड़के और लड़कियां भी शौकिया तौर पर पहले ब्राउन शुगर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन तीन-चार दिन के बाद ही वह इसके एडिक्ट हो जाते हैं, परिजन जान गए तो बच गई जान, लेकिन हॉस्टल में रह रहे बच्चे या फिर अपने परिवार से दूर रहकर किराए के मकान में रहने वाले लोगों की स्थिति ज्यादा खराब हो रही है 

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