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अयोध्या को सजाने के लिए लगी 50 लाख रुपये की लाइटों की चोरी पर प्रशासन ने बताई नई कहानी

50 लाख रुपये की लाइटों की चोरी के इस मामले पर प्रशासन ने लाइट लगाने वाले ठेकेदारों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाने का फ़ैसला लिया और पिछले सप्ताह राम जन्मभूमि थाने में रामपथ और भक्ति पथ से लाइट चोरी होने के संबंध में एफ़आईआर दर्ज कराई है. अयोध्या प्रशासन का कहना है कि संभवतः ये लाइटें कभी लगाई ही नहीं गई थीं.

अयोध्या में अत्यधिक सुरक्षित माने जाने वाले राम पथ और भक्ति पथ पर सजावट के लिए लगी 3,800 बैंबू लाइटें और 36 गोबो प्रोजेक्टर लाइटों के चोरी होने के मामले ने प्रशासन और स्थानीय लोगों को हैरत में डाल दिया है!

चोरी हुई लाइटों की कुल कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है!

चोरी से प्रशासन भी हैरान,क्योंकि ये किसी साधारण सड़क नहीं बल्कि शहर के सबसे अधिक पहरे में रहने वाले इलाक़े का मामला है!

हैरत इसलिए भी है क्योंकि, खुली सड़क से सरकारी संपत्ति गायब हो गई, और पुलिस सहित किसी भी दूसरे इंसान को इसकी भनक तक नहीं पड़ी!

अयोध्या विकास प्राधिकरण से मिले कॉन्ट्रैक्ट के तहत यश इंटरप्राइज़ेज़ और कृष्णा ऑटोमोबाइल्स नाम की कंपनियों ने रामपथ के किनारे पेड़ों पर 6 हज़ार 400 बैंबू लाइटें और भक्ति पथ पर 96 गोबो प्रोजेक्टर लाइटें लगाई थीं!

लाइट लगाने वाली कंपनी ने क्या कहा ?

लाइट लगाने वाली कंपनी के प्रतिनिधि शेखर शर्मा ने बताया कि इन पथों से अब 3800 बैंबू लाइटें और 36 गोबो प्रोजेक्टर लाइटें चोरी हो गई हैं!

शर्मा ने ही 9 अगस्त को इस मामले में राम जन्मभूमि पुलिस थाने में चोरी की शिकायत दर्ज करवाई!

पुलिस को दी गई शिकायत में शर्मा ने कहा, "रामपथ पर 6,400 बैंबू लाइटें और भक्ति पथ पर 96 गोबो प्रोजेक्टर लाइटें लगाई गई थीं. 19 मार्च तक सभी लाइटें अपनी जगह पर थीं लेकिन जब 9 मई को इसकी पड़ताल की गई, तो पता चला कि लगभग 3800 बैंबू लाइट्स और 36 गोबो प्रोजेक्टर लाइटें अज्ञात लोगों ने चुरा ली हैं!"

शिकायतकर्ता के मुताबिक- कंपनी को चोरी के बारे में 9 मई को पता चला था लेकिन इसकी एफ़आईआर तीन महीने बाद यानी 9 अगस्त को दर्ज कराई गई है!

अयोध्या के इस हाई सिक्योरिटी वाले इलाक़े में हुई चोरी पर पुलिस फिलहाल कुछ भी कहने से बच रही है! पुलिस का कहना है कि इस मामले की जाँच जारी है!

वहीं अयोध्या प्रशासन ने कहा है कि चोरी हुई ही नहीं है और लाइट लगाने वाली कंपनी भुगतान के लिए झूठे दावे परोस रही है!

अखिलेश यादव का बीजेपी पर निशाना

चोरी के इस हैरतअंगेज़ मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी को निशाने पर लिया है!

उन्होंने पेड़ों पर लगे बैंबू लाइटों का एक फुटेज शेयर करते हुए साथ में तंज़ भरे अंदाज़ में लिखा, "उत्तर प्रदेश- अयोध्या में चोरों ने की क़ानून-व्यवस्था की बत्ती गुल! इसीलिए जनता तो पहले ही कह रही थी, बिन बिजली के खड़ा है खंभा! भाजपा सरकार, मतलब अंधेर नगरी सब तरफ़ अंधकार! अयोध्या कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!"

अयोध्या के राम पथ पर हुई इस चोरी को लेकर इस सीट पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद कहते हैं, "ये बेहद हैरानी भरा मामला है! राम पथ कोई आम सड़क नहीं है! राम पथ को दुनियाभर में लोग जान रहे हैं! राम पथ पर लाइटों की चोरी होना, वो भी तब जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर यहां का दौरा कर रहे हों, ये चिंता का विषय है और चोरों के ख़िलाफ़ एक्शन लिया जाना चाहिए!"

चोरी के मामले में एफ़आईआर दर्ज प्रशासन ने ठेकेदारों पर लगाया आरोप, चोरी के मामले पर अयोध्या प्रशासन ने सफ़ाई दी

प्रशासन ने कहा है कि पेड़ों पर लगी लाइटों के चोरी होने की जानकारी मिली है! इस मामले की जांच की जा रही है. अयोध्या में हमेशा से सुरक्षा को लेकर कड़ाई रही है और इतनी बड़ी संख्या में लाइटें चुराना संभव नहीं है!

50 लाख रुपये की लाइटों की चोरी के इस मामले पर प्रशासन ने लाइट लगाने वाले ठेकेदारों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाने का फ़ैसला लिया, और पिछले सप्ताह राम जन्मभूमि थाने में रामपथ और भक्ति पथ से लाइट चोरी होने के संबंध में एफ़आईआर दर्ज कराई है!

अयोध्या प्रशासन का कहना है कि संभवतः ये लाइटें कभी लगाई ही नहीं गई थीं!

अयोध्या विकास प्राधिकरण के चेयरमैन गौरव दयाल ने बताया कि- "इस मामले की जाँच की जा रही है और ठेकेदारों पर सरकार के साथ धोखेबाज़ी करने के आरोप में एफ़आईआर करवाने का निर्णय किया गया है!"

'चोरी हुई लाइटें कभी लगी ही नहीं'

अयोध्या विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन अश्विनी पांडे ने कहा कि लाइट लगाने वाली कंपनी चोरी का झूठा दावा कर रही है!

उन्होंने कहा, "अयोध्या के सौंदर्यीकरण के तहत पेड़ों पर 2600 बैंबू लाइटें लगाई गईं! अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से की गई वेरिफ़िकेशन में इसके अलावा कहीं कोई लाइट लगी नहीं पाई गई! ठेकेदार कंपनी जिन 3800 लाइटों के चोरी होने की बात कर रही है, वो लगाई ही नहीं गई! वेंडर अतिरिक्त भुगताने पाने के लिए झूठे बयान दे रहे हैं!"

चोरी के इस मामले ने अयोध्या के लोगों को भी हैरत में डाल दिया है. वे इसे अयोध्या की छवि के लिए बुरी ख़बर के तौर पर देख रहे हैं!

अयोध्या के पत्रकार इंदू भूषण पांडे ने कहा, "अयोध्या आने वाले भक्तों और साधु-संत भी इस घटना से हैरान हैं. अयोध्या देश और दुनिया के लिए आकर्षण का विषय है! राम जन्मभूमि में गर्भगृह में राम की प्रतिमा स्थापित होने के बाद, हर दिन लगभग एक लाख लोग रामलला के दर्शन करने आ रहे हैं! जब राम की नगरी में लगाई गई लाइटें ही सुरक्षित नहीं हैं तो ये देश और दुनिया भर से आने वाले राम भक्तों के लिए अच्छी ख़बर नहीं!"

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