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UP STF ने डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य किए गिरफ्तार.

CBI, नारकोटिक्स व क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर गिरोह के सदस्य कर रहे थे ठगी।

राजकुमार सिंह नोएडा निवासी और संदीप दोहरे झांसी निवासी को लखनऊ के समिट बिल्डिंग के पास से किया अरेस्ट।दो मोबाइल फोन समेत 41 पेज व्हाटप्स के स्क्रीनशॉट जिनसे ठगी के प्रयोग किए गए बरामद।आरोपियों को लखनऊ के साइबर सेल थाना में किया गया दाखिल।।

लखनऊ - UP STF के SP विशाल विक्रम सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक, काफी समय से सीबीआई/नारकोटिक्स/क्राईमब्रांच के अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले संगठित गिरोह के 2 सदस्य को समिट बिल्डिंग के अपोजिट तरफ सनआई हास्पिटल के पास शहीदपथ के सर्विस लेन थाना क्षेत्र विभूतिखण्ड लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। जिनकी पहचान राज कुमार सिंह पुत्र दान सिंह शेखावत, जिला कोठपुतली बहरोड, राजस्थान हालपता- सेक्टर-51, नोएडा और संदीप दोहरे पुत्र तुलाराम दोहरे निवासी झांसी के रूप में हुई है। इस दौरान आरोपियों के पास से 2 मोबाइल फोन और 41 पेज व्हाट्सएप के स्क्रीनशाट जिनमें ठगी में प्रयोग किये गये बैंक खातें की किट से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त हुई है।

SP STF ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राज कुमार सिंह ने पूछताछ में बताया कि मैं बानसुर राजस्थान का मूल निवासी हूँ और वर्तमान में नोएडा में रहता हूँ। मेरे दोस्त विवेक प्रजापति ने मुझसे पेआउट/पेइन के बारे में बताया और कहा कि अगर तुम कारपोरेट एकाउन्ट की व्यवस्था कर लोगे तो हमे उस एकाउन्ट में जितना पैसा आयेगा उसका 30 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। मार्च 2024 में हमारा साथी पंकज फ्राड डिजिटल अरेस्ट की ट्रेनिंग के लिए कम्बोडिया गया वहां पर पंकज ने एक चाइनीज कम्पनी में ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग के बाद पंकज इंडिया वापस आ गया और हम लोग मिलकर फ्राड का काम करने लगे। अगस्त 2024 में विवेक व पंकज ने मुझसे कहा कि एक आईसीआईसीआई का एकाउन्ट होल्डर नोएडा आ रहा है उसके एकाउन्ट में काम किया जायेगा। फिर हम लोग नोयडा के सेक्टर-52 में एक होटल में एकत्र हुए, मैने और मेरे एक दोस्त ने एकाउन्ट होल्डर के एसएमएस अलर्ट नम्बर पर एपीके एप/साफटवेयर लोड किया था एवं हमने कार्पोरेट एकाउन्ट का डिटेल चेक बुक एटीएम व सिम लेकर करीब 6-7 दिन लगातार इस बैंक खाते में रू 08 करोड़ की ठगी की। उसमें से हम लोगों ने 30 प्रतिशत कमीशन काटकर आपस में बांट लिया व शेष 70 प्रतिशत क्रिप्टो के माध्यम से चाइनीज लोगों के वॉलेट में कम्बोडिया भेज दिया था। इनके अतिरिक्त मैं और भी लोगों के साथ ट्रान्जेक्शन का काम कर ठगी करता हूँ। अभी दीपावली के पहले केवीबी बैंक एकाउंट के माध्यम से 36 लाख का फ्राड किया गया जिसमें मुझे 07 लाख कमीशन का मिला तथा दीपावली के बाद हम लोगो ने केनरा बैंक खाता सं0 120026491880 में लगभग 2.5 करोड की साइबर ठगी का काम किया हैं। इन्ही पैसों से मैने भिवाड़ी राजस्थान में 31 लाख रूपये का एक फ्लैट बुक कराया हैं। मैं व पंकज मिलकर कम्बोडिया में सिक्योरिटी के तौर पर अपना आदमी भेजने की तैयारी कर रहे थे जिसके बाद वहा से कालिंग कराकर और भी ठगी की जा सके। 

गिरफ्तार आरोपी संदीप दोहरे ने राजकुमार की बातों का समर्थन करते हुए बताया कि मेरा एक दोस्त सागर अहिरवार ने मुझे कार्पोरेट एकाउन्ट के सम्बन्ध में बताया और कहा कि क्या इस तरह के एकाउन्ट मिल जायेगे तो उसमें ट्रांजेक्शन कर रूपये कमाये जा सकते है तो मैने इसके सम्बन्ध में अपने दोस्त रोहित सेखरवार व सनी से के माध्यम से एकाउन्ट की डिटेल एकत्र कर सागर को देने लगा जिसपर सागर पंकज के माध्यम से ठगी कराता था। हम लोग सिर्फ स्कैम वन शाट पर एक ही दिन काम करते थे। मै फील्ड से बैंक खाते एकत्र कर सागर को देता था सागर आगे एकाउंट भेजकर उसमें रूपये डलवाता था और सभी को कमीशन मिलता था। मैने सागर को अब तक लगभग 50 बैंक खातों की डिटेल उपलब्ध करायी है।

वहीं, उन्होंने बताया आरोपियों द्वारा बताये गये बैक खाते, वालेट की जानकारी/परीक्षण व गिरोह के अन्य सदस्यो की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों का फारेंसिक परीक्षण कराया जोयेगा। इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 319(2), 318(2), 338, 336, 340, 61(2)ए BNS व 66 डी आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके बाद आरोपियों को साइबर क्राइम थाना लखनऊ में दाखिल कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।।

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