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जिले में पहचान छिपाकर रह रहे रोहिंग्या-शर्वेश..

गौरक्षा वाहिनी ने प्रशासन से जांच कराए जाने की मांग..

सुल्तानपुर- जिले में पहचान छिपाकर बांग्लादेशी रोहिंग्या पैर जमा रहे हैं। गौरक्षा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी ने कहा कि आतंकी रोहिंग्या आने वाले समय में जिले वासियों के लिए बड़ी समस्या बन सकते हैं। शहर में ऐसे लोगों ज्यादातर या तो कूड़ा बीनने अथवा पहचान छिपाकर भिक्षा मांगने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से उनकी जांच कराए जाने की मांग की है।

संभल हिंसा का पाकिस्तानी कनेक्शन.

 बुधवार को गौरक्षा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी सर्वेश सिंह ने जिला प्रशासन से बांग्लादेशी रोहिंग्याओं के जिले में पैर पसारने की बात कही। उन्होंने कहा कि शहर में राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी सेवा संघ को एक युवक कूड़ा बीनने मिला।जब उससे बात की तो उसने अपना नाम फजल बताया।जो कि अपने आपको आसाम का बता रहा था।यह जगह-जगह से कबाड़ इकट्ठा करता है। बातचीत में जबकि इनकी बोली भाषा बंग्लादेशी है। वहीं गौरक्षकों को एक और महिला भिक्षा मांगती मिली जो कि अपना नाम अंनू बता रही थी। जबकि उनकी बोल-चाल बांग्लादेशी लग रही थी। जानकारी देते हुए गौरक्षा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी सर्वेश सिंह ने बताया कि जिले में अनाधिकृत रूप में रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान किए जाने को लेकर जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना को पत्र लिखकर मांग करेगा। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो आने वाले दिनों में बड़ी अनहोनी, घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस दौरान गौरक्षा वाहिनी के जिला महामंत्री जय शंकर दूबे,कुड़वार ब्लाक प्रभारी व वरिष्ठ पत्रकार उदय प्रकाश मिश्रा,राणा प्रताप सिंह, सहदेव पाठक,मोनू श्रीवास्तव समेत गौरक्षा वाहिनी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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