Skip to main content

ये 5 सवाल, जिनके जवाब तलाश रही जांच करने वाली टीम, फिर होगा एक-एक पर एक्शन!

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के दौरान संगम नोज पर हुई भगदड़ की जांच के लिए न्यायिक आयोग की टीम शुक्रवार प्रयागराज पहुंची. न्यायिक आयोग में शामिल तीनों सदस्यों ने घटनास्थल संगम नोज पर जाकर दौरा किया और पुलिस अधिकारियों से सवाल-जवाब भी किए.महाकुंभ के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने हादसे के बारे में न्यायिक जांच टीम को पूरी ब्रीफिंग दी.

स्पेशल रिपोर्ट: पवन विश्वकर्मा, 
स्टेट हेड, Live Media Digital Network 

अब न्यायिक जांच आयोग की टीम हादसे की तह तक जाने में जुट गई है. अधिकारियों से घटना को लेकर एक-एक जानकारी ली जा रही है, ताकि भगदड़ के असली कारणों का पता लगाया जा सके. वहीं इन 5 पहलुओं की भी आयोग की टीम गहन जांच करेगी…

हादसे के कारणों की पहचान- आयोग यह पता लगाएगा कि भगदड़ किन परिस्थितियों में और कैसे हुई, क्या इसके पीछे कोई प्रशासनिक लापरवाही, सुरक्षा में कमी या भीड़ प्रबंधन में खामियां थीं.

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की जांच- जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि महाकुंभ के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई थीं और क्या वे पर्याप्त थीं. साथ ही, सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता की भी समीक्षा की जाएगी.

आपातकालीन प्रतिक्रिया और चिकित्सा सहायता- हादसे के बाद आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और घायलों को दी गई चिकित्सा सहायता की गुणवत्ता की जांच की जाएगी. यह देखा जाएगा कि क्या घायलों को समय पर और उचित उपचार मिला.

प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भूमिका- आयोग यह भी जांच करेगा कि घटना के समय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की क्या भूमिका थी और क्या उन्होंने अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन किया.

भविष्य के लिए सिफारिशें- आयोग अपनी जांच के आधार पर भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए आवश्यक सिफारिशें प्रस्तुत करेगा, ताकि आगामी आयोजनों में बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

वहीं इस दौरान आयोग प्रत्यक्षदर्शियों, पीड़ितों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज करेगा, ताकि घटना की समग्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके. हालांकि प्रयागराज में न्यायिक आयोग को विरोध का भी सामना करना पड़ा.

मृतकों के परिजनों ने स्वरूप रानी अस्पताल में जमकर हंगामा काटा. मृतकों और लापता लोगों के परिजनों ने न्यायिक जांच आयोग की गाड़ियों को घेराव किया. गाड़ियों के सामने उनके परिजन लेट गए. पुलिस जैसे-तैसे कड़ी मशक्कत के बाद आयोग के सदस्यों को लेकर दौड़कर भागी.

संगम नोज पर 30 श्रद्धालुओं की मौत

बता दें कि मौनी अमावस्या के दिन हुए हादसे में कुल 30 लोगों की मौत हो गई. वहीं 60 लोग घायल हो गए. प्राथमिक उपचार के बाद 24 घायलों को उनके परिजन घर लेकर चले गए, जबकि 36 का इलाज अस्पताल में चल रहा है. वहीं सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया. साथ ही हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे. इसी की जांच करने टीम आज प्रयागराज पहुंची थी.

महाकुंभ हादसे की ज्यूडिशियल इंक्वायरी के लिए पूर्व न्यायाधीश हर्ष कुमार की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है. पूर्व डीजीपी वीके गुप्ता कमेटी में शामिल हैं. रिटायर्ड आईएएस बीके सिंह भी इस कमेटी में शामिल हैं.

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Live Media Digtal Network पर। Cities News अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे! 

Comments

Popular posts from this blog

शादी का जश्न, रिसेप्शन की तैयारी और सुहागरात को मौत हैरान कर देगी प्रदीप और शिवानी की यह कहानी...

अयोध्या में एक शादी होती है. दूल्हा पूरी बारात के साथ दुल्हन को लेकर वापस घर लौट आता है. घर में जश्न का माहौल था. पूजा हो रही थी. अगले दिन रिसेप्शन था. लिहाजा, तैयारियां जोरो पर थीं. देर शाम तक घर में गीतों का कार्यक्रम चलता रहा. फिर सब अगले दिन की तैयारी में जल्द सो गए. अगली सुबह घरवाले सोकर उठे और रिसेप्शन की तैयारी में जुट गई. लेकिन दूल्हा और दुल्हन के कमरे का दरवाजा नहीं खुला. घरवालों ने आवाज़ दी. दरवाजा कई बार खटखटाया. लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. फिर कमरे का दरवाजा तोड़ा गया और कमरे का अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए. शादी के बाद घर लौटी बारात अयोध्या के रहने वाले प्रदीप की शुक्रवार 7 मार्च को शादी थी. प्रदीप धूमधाम से अपनी बारात लेकर अपने घर शहादतगंज से डीलीसरैया 7 मार्च की शाम पहुंचा था. रात बारात वहीं ठहरी थी. इसके बाद अगली सुबह शनिवार 8 मार्च को 11 बजे दुल्हन शिवानी की विदाई होती है. लगभग दो घंटे का सफर तय कर प्रदीप अपनी दुल्हन को दोपहर एक बजे लेकर घर पहुंचता है. रिसेप्शन की तैयारी घर पर धूमधाम से दुल्हन का स्वागत होता है. फिर शाम 7 बजे घर में ही पूजा होती है. चूंकि दुल्हन ...

लापता वकील अर्चना तिवारी का कांस्टेबल से क्या था कनेक्शन? सिर्फ टिकट बुकिंग तक बातचीत या

मध्य प्रदेश से 12 दिनों से लापता वकील अर्चना तिवारी को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से बरामद किया गया। मामले की जांच की जा रही है। 12 दिनों से लापता वकील अर्चना तिवारी को बरामद कर लिया गया है। वह मध्य प्रदेश से लापता हो गईं थी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमा के पास से उनको बरामद किया गया है। लखीमपुर खीरी में मिली अर्चना तिवारी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार देर रात अर्चना तिवारी को बरामद किया गया। भोपाल राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के SP राहुल कुमार लोढ़ा ने एक वीडियो मैसेज के जरिए उनकी बरामदगी की पुष्टि की। जीआरपी की एक टीम ने उन्हें लखीमपुर खीरी में रिसीव किया है और उन्हें बुधवार को भोपाल लाया जाएगा। लोढ़ा ने कहा, "7 अगस्त से लापता अर्चना तिवारी को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बरामद कर लिया गया है। भोपाल लाए जाने के बाद, हम उनसे पूछताछ करेंगे और फिर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।" कटनी ट्रेन में यात्रा करते समय हुईं थी लापता कटनी निवासी अर्चना तिवारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रही थीं। साथ ही सिविल जज परीक...

GST हो गया कम, अब दिवाली-छठ पर झूम जाएगा मन, जानिए क्या-क्या होगा सस्ता...

New  GST  Rate: सितंबर 2025 की बैठक में बड़े बदलाव किए गए। अब सभी तरह की ब्रेड (पराठा, रोटी, खाखरा, पिज्जा ब्रेड) पर  जीएसटी  पूरी तरह  खत्म  कर दिया गया है। कपड़े और फुटवियर 2500 रुपये तक  सस्ते  होंगे, इन पर 5% टैक्स लगेगा। हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस (5 लाख तक) और कुछ रोज़मर्रा की चीज़ों पर भी राहत मिली। त्योहारों से पहले मोदी सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है. दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर इस बार मन झूम उठेगा. सरकार ने जीएसटी अब कम कर दिए हैं. जीएसटी स्लैब में बदलाव से आम दिन चर्या की बहुत सी चीजें सस्ती हो जाएंगी. नई दिल्ली: बुधवार को जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक हुई. इस बैठक में ही कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होंगे. अब जीएसटी स्लैब 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत को समाप्त कर दिया गया है. इन स्लैब में अधिकांश जरूरी चीजें शामिल हैं. विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब होगा, जो 40 प्रतिशत है. पूरे देश में जीएसटी में बदलाव का फैसला 22 सितंबर से लागू ...