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भ्रष्टाचारी प्राचार्य पर है कई गंभीर आरोप, जा सकते हैं जेल

बेलगाम डॉ. सलिल श्रीवास्तव की आय से अधिक सम्पत्ति की यदि हुई निष्पक्ष जांच तो इनका जेल जाना तय, स्वाजातीय लिपिक व स्वाजातीय दो पत्तलकारों पर भी शासन जल्द कसेगा शिकंजा।

सुलतानपुर। जनपद के राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सलिल श्रीवास्तव के हाथ भ्रष्टाचार में कैसा डूबा है उसको इस प्रकार समझा जा सकता है कि खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की आईजीआरएस पर शिकायत का निस्तारण स्वयं के द्वारा ही कर लिया गया। शिकायतकर्ता ने भ्रष्ट प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत किया है कि प्रिंसपल डॉ सलिल के द्वारा शासन से आए धन का दुरूपयोग किया गया है। साथ ही शासनादेश से इतर संविदा कर्मियों से आर्थिक लाभ लेकर उन्हें रखा गया। बीते 16 फ़रवरी को इन आरोपो में हुई शिकायत का निस्तारण भ्रष्ट प्रिंसिपल ने यह लिखते हुए स्वयं 11 मार्च को कर दिया कि महाविद्यालय में अभी तक कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है। बेलगाम प्राचार्य ने आपनी करतूतों और काले कारनामे पर पर्दा डालने के शिकायतकर्ता को ही कटघरे मे खड़ा करते हुए लिखा की शिकायतकर्ता एक ही शिकायत की पुनरावृति कर रहा और विभिन्न विभागो मे 80 शिकायत की जा चुकी है। इससे तो स्पष्ट है, एक राष्ट्रीय संगठन से जुड़े होने के कारण प्रिंसिपल अपनी करतूतो से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा लिख गया हैं। वहीं शिकायतकर्ता की माने तो प्रिंसिपल ने तथ्य विहीन आख्या दी, उसने मांग किया है शासन स्तर से प्रिंसिपल की जांच हो और मैं ग़लत रहूं तो मुझे सजा दी जाए। उसने ये भी कहा है जिसके स्वयं के विरुद्ध शिकायत है वो किस अधिकार से जांच आख्या दे सकता है। वही विश्वस्त सूत्रों की माने तो भ्रष्ट प्रिंसिपल ने राजकीय मेडिकल कॉलेज मे पद संभालने के बाद से करोड़ों का वारा न्यारा कर अकूत सम्पत्ति अर्जित किया है। अगर शासन स्तर से उनकी आय से अधिक सम्पति की निष्पक्ष जांच होगी तो जिले और जिले के बाहर साल सवा साल मे करोड़ों रूपये की संपत्ति कहा से और कैसे अर्जित हुई है, इसका खुलासा भी शासन स्तर पर हो जाएगा। वहीं सूत्र ये भी बताते हैं कि प्रिंसिपल के इस भ्रष्टाचार की शिकायत कई सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने एक माननीय से किया है, जिसपर माननीय ने यूपी सीएम योगी के समक्ष ये मुद्दा उठाने की बात कही। अगर ऐसा हुआ तो निश्चित प्रिंसिपल, उनके स्वाजातीय लिपिक व उनकी उगाही मे हिस्सेदार दो स्वाजातीय पत्तलकारों पर बड़ी कार्रवाई होना तय है।

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