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देश को ऐसे मिला था INDIA नाम, जानिए हटाने के लिए क्या होगी कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया...

 भारतीय संविधान की प्रस्तावना में लिखा है, 'इंडिया दैट इज भारत'. इसका मतलब हुआ कि देश के दो नाम हैं. हम 'गवर्नमेंट ऑफ इंडिया' भी कहते हैं और 'भारत सरकार' भी. अंग्रेजी में 'भारत' और 'इंडिया', दोनों का इस्तेमाल किया जाता है



1947 में जब आजादी मिली तो संविधान सभा में देश के नाम को लेकर भी जमकर बहस हुई थी. संविधान सभा ने संविधान में अनुच्छेद-1 में 'इंडिया दैट इज भारत' लिखा  था. लेकिन कुछ सदस्यों का कहना था कि देश का नाम सिर्फ भारत ही होना चाहिए. 





अब तक हम देश को 'भारत' और 'इंडिया', दोनों ही नामों से बुलाते थे. लेकिन क्या अब सिर्फ 'भारत' ही हो जाएगा. और 'इंडिया' हट जाएगा? 
र्चा है कि संसद के विशेष सत्र में मोदी सरकार संविधान से 'इंडिया' शब्द हटाने का प्रस्ताव ला सकती है.दरअसल, मोदी सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद काविशेष सत्र बुलाया है. इस सत्र को लेकर अब तक कुछ साफ नहीं है. लेकिन चर्चा है कि इस सत्र में मोदी सरकार देश का नाम सिर्फ 'भारत' करने और 'इंडिया' शब्द हटाने को लेकर बिल लेकर आ सकती है.इस चर्चा को बल इसलिए भी मिलता है, क्योंकि G-20 समिट के लिए राष्ट्रप्रमुखों को राष्ट्रपति की ओर से जो न्योता भेजा न्योता भेजा गया है, उसमें 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखा है. जबकि, अब तक 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' लिखा जाता था. इतना ही नहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने भी सोमवार को कहा था कि लोगों को 'इंडिया' की बजाय 'भारत' कहना चाहिए. भागवत ने कहा था, 'हमारे देश का नाम सदियों से भारत रहा है. भाषा कोई भी हो, नाम एक ही रहता है. हमारा देश भारत है और हमें 'इंडिया' शब्द का इस्तेमाल बंद करना होगा.  हमें अपने देश को भारत कहना होगा और दूसरों को भी समझाना होगा.

#MosketGun सहित मॉडर्न हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार. | Bihar Police | Crime News | Live Media

' 
इंडिया या भारत? हमारे देश के दो नाम हैं. पहला- भारत और दूसरा- इंडिया. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में लिखा है, 'इंडिया दैट इज भारत'. इसका मतलब हुआ  कि देश के दो नाम हैं. हम 'गवर्नमेंट ऑफ इंडिया' भी कहते हैं और 'भारत सरकार' भी. अंग्रेजी में 'भारत' और 'इंडिया', दोनों का इस्तेमाल किया जाता है.
  

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