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नहीं सुनानी राम कहानी...योगी जी एनकाउंटर करवाते हैं, मेरे पति के हत्यारों को क्यों बचाया गया?

 मेनका गांधी पर जमकर बरसीं डॉ. घनश्याम तिवारी की पत्नी



सुल्तानपुर में गुरुवार की शाम सांसद मेनका गांधी मृतक डॉ. घनश्याम तिवारी के घर पहुंची। यहां उन्होंने डॉक्टर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर की पत्नी निशा तिवारी से मुलाकात की। इस दौरान सांसद को निशा तिवारी के आक्रोश का सामना करना पड़ा। निशा तिवारी ने सांसद से साफ कहा कि वो उनसे नहीं मिलना चाहती थीं। बिल्कुल भी नहीं, लेकिन रिस्पेक्ट करती हैं, तो मिल रही हैं। निशा तिवारी ने सांसद से कहा, ''क्या हुआ? मेरे पति को न्याय मिल गया...अपराधियों ने मेरे पति को जिस चौकी के पास मारा था, उसी चौकी में जाकर आत्म समर्पण कर दिया।''

निशा ने आगे कहा, ''मुझे अब कोई राम कहानी नहीं सुनानी है। योगी जी एनकाउंटर करवाते हैं, लेकिन मेरे पति के हत्यारों का सपोर्ट किया गया। मेरे पति के हत्यारों को क्यों बचाया गया? क्योंकि वो बहुत पॉवर वाले लोग हैं, कल को वो मुझे भी मार देंगे।'' 

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#बिहार ट्रेन हादसा: केंद्रीय मंत्री और बक्सर से सांसद अश्विनी चौबे का बयान...

कोतवाली नगर के नारायणपुर क्षेत्र में 23 सितंबर की देर शाम को संविदा चिकित्सक डॉ. घनश्याम तिवारी की नृशंस हत्या हुई थी। पत्नी निशा की तहरीर पर नारायणपुर निवासी अजय नारायण सिंह समेत दो अज्ञात के खिलाफ हत्या केस दर्ज हुआ था। 25 सितंबर को पीड़िता ने दूसरी तहरीर दी थी, जिसमें भाजयुमो जिलाध्यक्ष चंदन नारायण सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश नारायण सिंह और जगदीश नारायण सिंह समेत 4 अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस टीम ने 25 सितंबर को ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए जगदीश नारायण को जेल भेजा था।


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...महज १२ दिनों में ठंडी हो गई चिकित्सक घनश्याम तिवारी हत्याकांड की आग. | Sultanpur News Live | Murder | Crime

इधर भाजयुमो जिलाध्यक्ष का चचेरे भाई अजय नारायण सिंह हत्याकांड वाले दिन से फरार हो निकला। मामले मे उसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया। कोतवाली पुलिस, स्वॉट टीम और एसटीएफ ने छापेमारी की, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी। हत्याकांड के 17 दिन बाद अजय ने अपने ड्राइवर के साथ सरेंडर कर दिया। इसके बाद उसे गुप्त स्थान पर ले जाया गया, जहां से मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया और फिर जेल भेज दिया गया।

डॉक्टर की पत्नी ने इस पूरे सरेंडर पर सवाल उठाते हुए सांसद मेनका गांधी के सामने अपनी बात रखी। कार्रवाई से असंतुष्ट मृतक डॉक्टर की पत्नी निशा तिवारी के सामने जैसे ही सांसद मेनका गांधी पहुंची, तो उनका सब्र का बांध टूट पड़ा। निशा तिवारी ने सरकार-प्रशासन सबको कटघरे में खड़ा कर दिया।

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#VIDEO; ...तो इसलिए हुई #Sultanpur में डाक्टर की हत्या...डॉo घनश्याम तिवारी हत्याकांड:

''लोकेशन तक ट्रेस नहीं हो सकी क्या?''

निशा तिवारी ने मेनका गांधी से बात करते हुए कहा, ''सभी ने अपनी-अपनी कर ली। अब आपकी बारी है, देखना है आप क्या करती हैं? मेरी बात को अन्यथा मत लीजिएगा...मेरी जगह कोई भी होता, तो वह ऐसे ही पूछता। अभी कल ही मेरे पति के हत्यारे ने सरेंडर किया है। यहां की पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई। 14-15 दिन हो गए मेरे पति की हत्या हुए, पुलिस को कभी उसकी लोकेशन बनारस मिल रही थी, तो कभी कहीं मिल रही थी। लेकिन अंत में उसने सरेंडर किया। इसका क्या मतलब हुआ प्रशासन कहीं से सपोर्ट कर रहा है। वह इतने पावरफुल लोग हैं कल को मेरे साथ भी कुछ कर सकते हैं।''


''कल वो छूट ही जाएगा...कैसे मिलेगा पति को न्याय?''

निशा तिवारी ने मेनका गांधी आगे कहा, ''आप तो एक-एक चीज जानती हैं। कोई नई चीज नहीं है बताने के लिए और ना मैं राम कहानी बताने के लिए यहां आपके पास बैठी हूं। जिस चौकी क्षेत्र पर मेरे पति की हत्या हुई, उस चौकी पर आकर, नाटकीय तरीके से उसने सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस कहती है कि हमने उसको गिरफ्तार किया है। उसको पकड़ा गया है या उसने आप समर्पण किया है? आज वह जेल में है, कल को वह छूट भी सकता है। बड़े-बड़े रसूख वाले उसकी पकड़ में हैं। अगर इतना ही होता तो प्रशासन उसको पकड़ता।


इस दौरान सांसद ने कहा कि वो जेल में तो है न, इसपर निशा ने कहा, ''मेरी 101% इच्छा थी कि मैं आपसे ना मिलूं। लेकिन मुझे लगा कि आप हैं, रिस्पेक्ट करनी चाहिए, इसलिए मैं आपसे मिलने आई हूं। क्योंकि मेरे साथ अभी तक कोई न्याय नहीं हुआ है। उसने खुद सरेंडर किया, कितनी शर्म की बात है। उसके साथ हर चीज होनी चाहिए थी ना।''

मुख्यमंत्री से खफा डॉक्टर की पत्नी

निशा तिवारी फिर मुख्यमंत्री पर वो खफा दिखी। मेनका गांधी से निशा ने कहा, ''योगी जी बहुत कुछ करते हैं। काउंटर करवाते हैं। अपराधियों को पकड़वाते हैं। कुछ हुआ मेरे साथ। कल को तीन-चार महीने मुकदमा चलेगा और वह छूट जाएगा, फिर मैं मेरा बेटा। मेरे साथ ना तो शासन, ना प्रशासन, ना योगी जी कोई भी निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है। मैं यह चाहती हूं कि मेरे साथ निष्पक्षता से कार्रवाई की जाए और इसकी जांच CBI से करवाई है। क्योंकि मेरे साथ शुरू से लीपा पोती होती हो रही है। जब तक अंत्येष्टि नहीं हुई थी, तब तक मेरी सारी बातों और मांगों को मानने की बात कही जा रही थी लेकिन अब..."


''वापस कर दूंगी 10 लाख रुपए''

डॉ. तिवारी की विधवा पत्नी ने आगे कहा, ''जिस दिन मेरे घर पर पति की डेड बॉडी रखी थी, हमारे घर-परिवार के लोगों ने मांगें रखीं। उस दिन डीएम-एसडीएम सभी बोले थे कि हां आपकी मांगों को पूरा किया जाएगा। 1 करोड़ रुपए और नौकरी देने की बात हुई थी। लेकिन अगले दिन 10 लाख रुपए मिले। इसमें भी कहा गया कि यह सीएम योगी की तरफ से दिए गए हैं। मुझे ये रुपए नहीं चाहिए, मैं ये रुपए वापस दे दूंगी। मेरा एक बेटा है, उसकी परवरिश के लिए नौकरी मांगी थी, सबकुछ ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। न मेरे पति को इंसाफ मिला, न हमारी सभी मांगें पूरी हुईं।''

मैं भीख नहीं मांग रही हूं, मुझे न्याय चाहिए

मेनका बोलीं- मर्डर पर नहीं मिलता है पैसा
निशा तिवारी की बात सुनने के बाद मेनका गांधी ने कहा, ''मर्डर के केस में पैसे नहीं मिलते हैं। एक भी पैसा नहीं मिलता है। हमने दिए हैं। आपको 10 लाख रुपए मिले न, यह आपके साथ हमारी हमदर्दी ही थी, वरना कानूनन एक भी पैसा नहीं मिलता है। जो हुआ बहुत बुरा हुआ है। आप यह कह रही हैं कि मुझे यह चाहिए, वो चाहिए। यह कानूनन रूप से तय होता है।'' इस पर निशा ने कहा कि ठीक है मैं 10 लाख रुपए वापस कर दूंगी। डीएम ने खुद ही साइन किए थे मांगों को लेकर, लेकिन कुछ भी पूरा नहीं हुआ। मेरे बच्चों की सुरक्षा-मेरी सुरक्षा और नौकरी...यह कुछ भी निर्धारित नहीं हुआ है।


Comments

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    #बिहार ट्रेन हादसा: केंद्रीय मंत्री और बक्सर से सांसद अश्विनी चौबे का बयान...
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