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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे...

 * पूर्वांचल एक्सप्रेसवे एक नया एक्सप्रेसवे है, जिसका निर्माण उत्तर प्रदेश में किया गया था

* इसे 14 नवंबर, 2021 को जनता के लिए खोल दिया गया था


* इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुल्तानपुर जिले के करवल खीरी में किया था।

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे रूट उत्तर में दिल्ली और पूर्व में पटना जैसे अन्य राज्यों के साथ उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा।

* यह उत्तर प्रदेश के नौ जिलों लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरता है

* यह चांद सराय गांव, लखनऊ जिले से शुरू होकर हैदरिया गांव, एनएच-31, गाजीपुर जिले में खत्म होता है

* मार्च 2015 में, तत्कालीन अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे  प्रोजेक्ट को लखनऊ-आजमगढ़-बलिया एक्सप्रेसवे के नाम से लॉन्च किया।

* बाद में, अक्टूबर 2015 में, इसे योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के तहत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के नाम से लॉन्च किया गया था। इस प्रोजेक्ट से उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बुनियादी ढांचे के विकास की उम्मीद है।

* पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों पर अभी भी सरकारों को अधिक ध्यान देने की जरुरत है

* यह एक्सप्रेस वे आगे एक अलग सड़क के ज़रिए वाराणसी आजमगढ़ हाइवे से जुड़ा हुआ है। साथ ही गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे आजमगढ़ जिले के सलारपुर गांव में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा। यह 340.8 किमी लंबा रूट है।

* 4-लेन चौड़ी और 17 किमी लंबी बक्सर-गाजीपुर एलिवेटेड रोड के निर्माण के पश्चात्, लखनऊ NH-922 और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के ज़रिए सीधे बक्सर, आरा और पटना तथा बिहार के कुछ अन्य जिलों से जुड़ जाएगा।

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को बनाने की लागत 22,494 करोड़ रुपये है, जिसमें निर्माण हेतु अधिग्रहित भूमि का खर्च भी शामिल है। कुल निर्माण लागत लगभग 11,216 रुपये है। यह नवंबर 2021 तक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण की अनुमानित लागत है।

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में विमान की आपातकालीन लैंडिंग के लिए एक हवाई पट्टी है। इस एक्सप्रेसवे पर हर 100 किमी पर विश्राम स्थल हैं।

* 26 जून, 2023: भारतीय वायु सेना (IAF) के सुखोई Su-35 और मिराज 2000 पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी पर उतरे। IAF द्वारा यह आपातकालीन अभ्यास उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में किया गया

* यह वर्तमान में भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है।

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में सात रेलवे-ओवर-ब्रिज और 22 फ्लाईओवर हैं जो राज्य के जिलों को जोड़ते हैं।

* सुल्तानपुर जिले के कुरेभर के पास, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अखलकिरी करवात गांव में 3.2 किमी लंबी हवाई पट्टी है। हवाई पट्टी का उद्देश्य विमानों को आपातकालीन लैंडिंग की सुविधा देना है।

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ तथा गाजीपुर के बीच यात्रा के समय को कम करता है। अब, लखनऊ और गाजीपुर के बीच यात्रा का समय घटकर 10 घंटे हो गया है। पहले यात्रा का समय लगभग 15 घंटे था।

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हर 100 किमी पर दो विश्राम स्थल हैं। ये बाकी स्टॉप पेट्रोल पंप, रेस्तरां, शौचालय, गैरेज, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से लैस हैं।

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण एवं देखभाल उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा किया जाता है। साथ ही, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भारत में निर्मित एक्सप्रेसवे के प्रबंधन की देखरेख करता है।

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण से उत्तर प्रदेश में आर्थिक विकास को गति मिली है। इससे यात्रा का समय कम हो गया है और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ कनेक्टिविटी बेहतर हुई है

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे यूपी के कई बड़े जिलों को जोड़ता है। इनमें से अधिकांश जिले अविकसित हैं

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे रूट पर कई विकास परियोजनाएं शुरु होने वाली है। हाईवे के किनारे औद्योगिक हब बनाने का काम उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे एवं औद्योगिक विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। इससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के क्षेत्रों में कई शैक्षणिक संस्थान और चिकित्सा संस्थान भी प्रस्तावित हैं। इससे इन क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे रूट पर शहर अयोध्या, गोरखपुर और वाराणसी शहर मौजूद हैं ये हिंदुओं के धार्मिक स्थल हैं

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