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Children Day: जानें इस दिन का इतिहास और महत्व...

Childrens Day 2023 14 नवंबर का दिन बच्चों के लिए बेहद खास है। यह दिन देशभर में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती मनाई जाती है। इस दिन को बाल दिवस के रूप में मनाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों की अधिकारों को लेकर लोगों को जागरूक करना है।

HIGHLIGHTS

  1. हर साल 14 नवंबर को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन मनाया जाता है।
  2. इस दिन को बाल दिवस के रूप में जाना जाता है।
  3. बाल दिवस को मनाने का मकसद बच्चों को बेहतर शिक्षा देना है।

हर साल 14 नवंबर को राष्ट्रीय बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस तिथि को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जन्मदिन भी मनाया जाता है. जवाहरलाल नेहरू जी बच्चों से बहुत प्यार करते थे और बच्चे भी उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहते थे.

नेहरू जी का ऐसा मानना था कि, बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनसे ही बेहतर भविष्य का विकास होगा. यही कारण है कि नेहरू जी की जयंती के दिन को बाल दिवस या चिल्ड्रन डे के रूप में हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है.

बाल दिवस बच्चों का दिन होता है और इस दिन को लेकर बच्चे काफी उत्साहित भी रहते हैं. स्कूलों में इस दिन विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होता है और बच्चों को तोहफे भी दिए जाते हैं. आज बाल दिवस के इस खास मौके पर आप भी इन खूबसूरत बधाई संदेशों के साथ बाल दिवस की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

दुनिया का सबसे सच्चा समय
दुनिया का सबसे अच्छा दिन
दुनिया का सबसे हसीन पल
सिर्फ बचपन में ही मिलता है.




बाल दिवस का इतिहास

पहली बार 1954 में बाल दिवस मनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषणा की गई थी, लेकिन साल 1964 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद, भारतीय संसद ने पहले प्रधान मंत्री की जयंती को बाल दिवस के रूप में मनाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया।

बाल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य देश में बच्चों की भलाई, शिक्षा और विकास के प्रति लोगों को जागरूक करना है। यह दिन बच्चों की मासूमियत, रचनात्मकता और क्षमता को दर्शाता है। 14 नवंबर का दिन बच्चों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन उनकी स्किल्स बढ़ाने के लिए लोग कई तरह के कार्यक्रम करते हैं, इसमें बच्चे भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हैं। स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों  में बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों आयोजन किया जाता है।

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