Skip to main content

अयोध्या धाम दर्शन हेतु जरूरी जानकारी...

यहां से मंदिर तक पहुंचने के लिए वृद्धजनों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध है। आपको सिंह द्वार होते हुए 32 सीढ़ियां चढ़कर राम मंदिर में प्रवेश मिलेगा। इसके बाद आप पांच मंडप पार करके गर्भगृह तक पहुंचेंगे, जहां 30 फीट की दूरी से आप रामलला के दर्शन कर सकेंगे।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही सब लोगो के मन मे तीव्र उत्कंठा है कि हम भी रामलला के दर्शनों हेतु जल्दी से जल्दी जाए, लेकिन ज्यादा भीड़ की चिंता के चलते जाने की हिम्मत नही जुटा पा रहे है, तो आप जान लीजिए कि निश्चिन्त होकर जाइये, भीड़ तो अयोध्या नगरी में अब आने वाले लंबे समय तक रहेगी लेकिन भीड़ के चलते वहां आपको रामजी के दर्शनों में कोई दिक्कत नही आएगी।

अयोध्या जी मे प्रतिदिन करीब 3 से 4 लाख लोग रामलला के दर्शन कर रहे है, प्रशासन की व्यबस्थाये इतनी बेहतरीन और सुव्यवस्तिथ है कि आपको दर्शनों में कोई दिक्कत नही आएगी।बस कुछ बातों का ध्यान रखना है :-

1. अयोध्या जी मे बाहरी वाहनों का प्रवेश वर्जित है, अगर आप अपनी गाड़ी से अयोध्या जा रहे है तो आपको अपनी गाड़ी अयोध्या के बाहर ही मैन हाईवे से उतरते ही बनी पार्किंग में खड़ी करनी पड़ेगी वहां से मंदिर करीब 3 किलोमीटर दूर है। 

2. पार्किंग के बाहर से आपको ई रिक्शा मिल जाएगी जो आपको मन्दिर से करीब आधा किलोमीटर पहले उतार देगी, सुरक्षा के चलते रास्तों पर आवाजाही बदलती रहती है तो हो सकता हैंकि आपको थोड़ा पैदल चलना पड़े, इसलिए कम से कम 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलने के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार रहे।

3. अयोध्या जी मे बड़ी संख्या में बजट होटल व धर्मशालाएं है इसलिए सामान्य व्यवस्था में रुकने में कोई दिक्कत नही है। 

4. मंदिर में दर्शन के लिए जाए तो कोसीश करे कि जेब मे सिर्फ पैसे रखकर ले जाये। क्योकि मन्दिर में मोबाइल, घड़ी, पेन, चाभी आदि ले जाना मना है। मन्दिर में सुरक्षा जांच से पूर्व लाकर रूम बने है जहां आप अपना सामान जमा करा के आगे जाते है। 

5. अगर आप लाकर रूम में सामान रखते है तो वहां भीड़ के चलते आपको करीब एक से डेढ़ घण्टे का समय लग सकता है वरना आप मात्र 20 से 30 मिनेट में दर्शन करके बाहर आ सकते है।

6. सुरक्षा जांच के बाद जब आप मन्दिर में प्रवेश करते है तो मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते ही आपको रामलला दूर से ही दिखाई पड़ने लगते है, आप पहले हॉल से चलकर जाते हुए पांचवे हाल में रामलला के दर्शन करते है। भीड़ के चलते आपको वहां खड़े नही होने दिय्या जाएगा लाइन चलती रहेगी और आप दर्शन करते रहेंगे इसलिये पहले हॉल से ही अपने ध्यान को रामलला पर केंद्रित कर लीजिए ताकि आपको बाद में ये मलाल न हो दर्शन ठीक से नही हुए।

7. मंदिर परिसर से बाहर आते समय आपको मंदिर प्रसासन की तरफ से निशुल्क प्रसाद दिया जाता है, निकास द्वार से बाहर आते समय इस बात का ध्यान रखे और अपना प्रसाद जरूर लें ले।

8. अयोध्या जी मे इस समय ठंड बहुत है, अपने कपड़ो की पैकिंग करते समय ध्यान रखे।

और अंत मे ध्यान रखे कि मंदिर प्रशासन और पुलिस का व्यबहार व व्यबस्था बहुत ही शानदार है तो उसके जवाब में हमारा आचरण भी सौम्य और सहयोगपूर्ण हो, 

अयोध्या इस समय उत्सव नगरी बनी हुई है, उसी माहौल में उसी भांव के साथ रहे और बनाई गई व्यबस्थाओ के हिसाब से ही आचरण करे।

तो बना लीजिए प्रोग्राम रामलला के दर्शनों का

जय श्री राम

Related Post:

मेरे Ayodhya जाने से जिनको तकलीफ है वे Pakistan चले जाए. डा0 इमाम अहमद इलियासी

Comments

Popular posts from this blog

शादी का जश्न, रिसेप्शन की तैयारी और सुहागरात को मौत हैरान कर देगी प्रदीप और शिवानी की यह कहानी...

अयोध्या में एक शादी होती है. दूल्हा पूरी बारात के साथ दुल्हन को लेकर वापस घर लौट आता है. घर में जश्न का माहौल था. पूजा हो रही थी. अगले दिन रिसेप्शन था. लिहाजा, तैयारियां जोरो पर थीं. देर शाम तक घर में गीतों का कार्यक्रम चलता रहा. फिर सब अगले दिन की तैयारी में जल्द सो गए. अगली सुबह घरवाले सोकर उठे और रिसेप्शन की तैयारी में जुट गई. लेकिन दूल्हा और दुल्हन के कमरे का दरवाजा नहीं खुला. घरवालों ने आवाज़ दी. दरवाजा कई बार खटखटाया. लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. फिर कमरे का दरवाजा तोड़ा गया और कमरे का अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए. शादी के बाद घर लौटी बारात अयोध्या के रहने वाले प्रदीप की शुक्रवार 7 मार्च को शादी थी. प्रदीप धूमधाम से अपनी बारात लेकर अपने घर शहादतगंज से डीलीसरैया 7 मार्च की शाम पहुंचा था. रात बारात वहीं ठहरी थी. इसके बाद अगली सुबह शनिवार 8 मार्च को 11 बजे दुल्हन शिवानी की विदाई होती है. लगभग दो घंटे का सफर तय कर प्रदीप अपनी दुल्हन को दोपहर एक बजे लेकर घर पहुंचता है. रिसेप्शन की तैयारी घर पर धूमधाम से दुल्हन का स्वागत होता है. फिर शाम 7 बजे घर में ही पूजा होती है. चूंकि दुल्हन ...

लापता वकील अर्चना तिवारी का कांस्टेबल से क्या था कनेक्शन? सिर्फ टिकट बुकिंग तक बातचीत या

मध्य प्रदेश से 12 दिनों से लापता वकील अर्चना तिवारी को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से बरामद किया गया। मामले की जांच की जा रही है। 12 दिनों से लापता वकील अर्चना तिवारी को बरामद कर लिया गया है। वह मध्य प्रदेश से लापता हो गईं थी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमा के पास से उनको बरामद किया गया है। लखीमपुर खीरी में मिली अर्चना तिवारी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार देर रात अर्चना तिवारी को बरामद किया गया। भोपाल राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के SP राहुल कुमार लोढ़ा ने एक वीडियो मैसेज के जरिए उनकी बरामदगी की पुष्टि की। जीआरपी की एक टीम ने उन्हें लखीमपुर खीरी में रिसीव किया है और उन्हें बुधवार को भोपाल लाया जाएगा। लोढ़ा ने कहा, "7 अगस्त से लापता अर्चना तिवारी को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बरामद कर लिया गया है। भोपाल लाए जाने के बाद, हम उनसे पूछताछ करेंगे और फिर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।" कटनी ट्रेन में यात्रा करते समय हुईं थी लापता कटनी निवासी अर्चना तिवारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रही थीं। साथ ही सिविल जज परीक...

GST हो गया कम, अब दिवाली-छठ पर झूम जाएगा मन, जानिए क्या-क्या होगा सस्ता...

New  GST  Rate: सितंबर 2025 की बैठक में बड़े बदलाव किए गए। अब सभी तरह की ब्रेड (पराठा, रोटी, खाखरा, पिज्जा ब्रेड) पर  जीएसटी  पूरी तरह  खत्म  कर दिया गया है। कपड़े और फुटवियर 2500 रुपये तक  सस्ते  होंगे, इन पर 5% टैक्स लगेगा। हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस (5 लाख तक) और कुछ रोज़मर्रा की चीज़ों पर भी राहत मिली। त्योहारों से पहले मोदी सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है. दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर इस बार मन झूम उठेगा. सरकार ने जीएसटी अब कम कर दिए हैं. जीएसटी स्लैब में बदलाव से आम दिन चर्या की बहुत सी चीजें सस्ती हो जाएंगी. नई दिल्ली: बुधवार को जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक हुई. इस बैठक में ही कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होंगे. अब जीएसटी स्लैब 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत को समाप्त कर दिया गया है. इन स्लैब में अधिकांश जरूरी चीजें शामिल हैं. विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब होगा, जो 40 प्रतिशत है. पूरे देश में जीएसटी में बदलाव का फैसला 22 सितंबर से लागू ...