Skip to main content

सवालों के जवाब नहीं दे पा रहे थानेदार, वो साक्षात्कार में कैसे हुए पास? अब RPSC आई संदेह के घेरे में...

राजस्थान में उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं?

जयपुर: स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में पूछताछ करने में जुटी टीम के कुछ सदस्यों ने नाम उजागर नहीं करने पर बताया कि आरपीएससी में थानेदारों के साक्षात्कार में बड़े स्तर पर घालमेल हुई है। ऐसे युवक-युवती थानेदार बन गए हैं, जिनके पास परीक्षा से पहले पेपर आ गया, लेकिन फिर भी परीक्षा में खुद की जगह डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाई। ऐसे अभ्यर्थियों को अधिक ज्ञान भी नहीं है। इन परीक्षार्थियों को थानेदार बनने के लिए साक्षात्कार में कैसे पास कर दिया गया। पहले ही पेपर लेकर फिर परीक्षा देने जाने वाले थानेदारों ने भी साक्षात्कार में घालमेल किया है। सरकार विशेष बोर्ड का गठन कर उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में पास होने वाले थानेदारों का फिर से साक्षात्कार लिया जाना चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। गत सरकार में आरपीएससी के कई सदस्यों पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। लेकिन जांच करने वाली एजेंसी शुरुआत में तो सदस्यों के खिलाफ जांच करना बताती रही और फिर बाद में जांच के नाम पर खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली।

50 में से 17 नंबर लाने जरूरी, 15 नंबरों का चयन कैसे किया:

सूत्रों के मुताबिक उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में लिखित पेपर में पूरे नंबर लाने के बावजूद साक्षात्कार में पास होना जरूरी है। साक्षात्कार में 50 में से 17 नंबर लाने जरूरी हैं। लेकिन गिरफ्तार होने वाले तीन परीक्षार्थी (थानेदार) ऐसे भी हैं, जिनके साक्षात्कार में 15-15 नंबर आए। अब यह भी सवाल उठ रहा है कि कम से कम 17 नंबर की बाध्यता हटा दी गई थी क्या? जबकि कईयों के 17 से अधिक नंबर आए हैं। आरपीएससी की उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं कि एक दिन में होने वाली भर्ती परीक्षा तीन दिन तक क्यों करवाई। सभी परीक्षार्थियों से एक समान सवाल पूछने की बजाय तीनों दिन अलग-अलग सवाल पूछे गए। एक परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों से अलग-अलग सवालों के पेपर क्यों बनाए गए।

दूसरे राज्यों की डिग्री लगाने वालों की हो जांच:

राजस्थान पुलिस के कुछ अधिकारियों का कहना है कि 640 प्रशिक्षु थानेदारों में 50 से अधिक की स्नातक की डिग्री दूसरे राज्यों की होना बताई जा रही है। इन सभी की डिग्री की जांच होनी चाहिए। बाहरी राज्यों में जिस भी विश्वविद्यालय की डिग्री है, वहां पर वो विश्वविद्यालय अस्तित्व में है या नहीं, विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता कितनी है और नियमानुसार डिग्री ली गई है या नहीं। इन सबकी भी जांच होनी चाहिए।

टॉपर को साक्षात्कार में भी रखा टॉप:

एसओजी की गिरफ्त में आए थानेदारों में टॉपर नरेश कुमार के साक्षात्कार के नंबरों को देखा जाए तो उसका साक्षात्कार लेने वालों ने वहां भी उसे टॉप पर रखा है। साक्षात्कार में नरेश कुमार बिश्नोई के 50 में से 34 नंबर आए।

हिंदी और सामान्य ज्ञान में कितने नंबर आए, इसकी जानकारी नहीं:

एसओजी ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछा कि उनके 200-200 नंबरों के हुए हिंदी व सामान्य ज्ञान परीक्षा में कितने नंबर आए। तीन थानेदारों के अलावा किसी को भी उनके कितने नंबर आए, इसकी जानकारी नहीं थी।

शैक्षणिक योग्यता की हो रही जांच:

इस मामले पर राजस्थान एटीएस-एसओजी के एडीजी वीके सिंह का कहना है कि पेपर लीक मामले में भर्ती हुए थानेदारों के संबंध में तो जांच चल रही है। इनकी शैक्षणिक योग्यता की जांच भी की जा रही है।

जीरो टॉलरेंस पर बड़ा सवाल।बनते ही टूटा टाटिया नगर पुल का स्लैब। सवा साल में छटवीं बार टूटा स्लैब

Comments

Popular posts from this blog

GST हो गया कम, अब दिवाली-छठ पर झूम जाएगा मन, जानिए क्या-क्या होगा सस्ता...

New  GST  Rate: सितंबर 2025 की बैठक में बड़े बदलाव किए गए। अब सभी तरह की ब्रेड (पराठा, रोटी, खाखरा, पिज्जा ब्रेड) पर  जीएसटी  पूरी तरह  खत्म  कर दिया गया है। कपड़े और फुटवियर 2500 रुपये तक  सस्ते  होंगे, इन पर 5% टैक्स लगेगा। हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस (5 लाख तक) और कुछ रोज़मर्रा की चीज़ों पर भी राहत मिली। त्योहारों से पहले मोदी सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है. दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर इस बार मन झूम उठेगा. सरकार ने जीएसटी अब कम कर दिए हैं. जीएसटी स्लैब में बदलाव से आम दिन चर्या की बहुत सी चीजें सस्ती हो जाएंगी. नई दिल्ली: बुधवार को जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक हुई. इस बैठक में ही कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होंगे. अब जीएसटी स्लैब 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत को समाप्त कर दिया गया है. इन स्लैब में अधिकांश जरूरी चीजें शामिल हैं. विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब होगा, जो 40 प्रतिशत है. पूरे देश में जीएसटी में बदलाव का फैसला 22 सितंबर से लागू ...

आज के लैला मजनू.. प्यार की जंग में पार किया भारत-पाक बॉर्डर, जानें इस पाकिस्तानी जोड़े की कहानी...

लैला मजनू.. हीर रांझा.., ये वो जमाना था, जब लोग अपने प्यार के लिए मौत को गले लगा लेते थे. अब ऐसा जमाना आ गया है, जहां प्यार पाने के लिए परिवार और समाज के खिलाफ जाकर बॉर्डर पार कर दे रहे हैं.  इसका एक उदाहरण तो हमारे सामने है, सीमा हैदर, जिसने सचिन के लिए अपने देश पाकिस्तान और परिवार को छोड़कर भारत आ गई. अब ऐसा ही और मामला सामने आ रहा है, जहां अपने प्यार को मुकम्मल करने के लिए फिर से एक पाकिस्तानी जोड़े ने भारत-पाकिस्तान का बॉर्डन पार कर दिया. प्यार के लिए अपने देश, परिवार को छोड़कर भारत आई सीमा की कहानी से ये मामला थोड़ा अलग है. यहां दोनों ही पाकिस्तानी है और अपने प्यार के लिए घर से भागकर भारत आ गए. लेकिन यहां चौंकाने वाली चीज इनकी उम्र है, इनकी उम्र इतनी कम है कि आपको एक बार फिर अपना बचपन का प्यार याद आ जाएगा. . . पाकिस्तानी जोड़े को गुजरात के कच्छ से पकड़ा गया. कच्छ के वगाड इलाके के खादिर आइलैंड के रतनापुर गांव के जंगलों में दोनों घूम रहे थे. अजनबी जोड़े को देखकर गांव वालों ने पूछताछ की, दोनों ने खुद को पाकिस्तानी बाताया. बातचीत में पता चला, कि लड़के की उम्र 16 साल है और लड़की 14...

थकान के कारण रात में गहरी नींद में सो रहे थे 50 श्रद्धालु, नींद खुली चीख पड़े...

जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सीहीपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास वाराणसी-लखनऊ हाइवे पर हुए हादसे को याद कर घायल और अन्य श्रद्धालु सिहर जा रहे हैं। वह बस यही कह रहे कि अयोध्या में दर्शन करने के बाद सभी 50 श्रद्धालु सामूहिक भोजन किए।  इसके बाद अपनी-अपनी सीट पर बैठे और थकान के कारण गहरी नींद में चले गए। रात करीब ढाई बजे अचानक धमाका जैसी आवाज और झटका लगने पर उनकी नींद खुल गई। इसके बाद उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। किसी के ऊपर सामान गिरा था तो कोई खिड़की में फंस गया था। घायल वीपेन मंडल, वीरेंद्र मंडल ने बताया कि वे 50 लोगों समूह सात सितंबर को छत्तीसगढ़ से निकले। 10 दिन के इस धार्मिक भ्रमण के लिए प्रति व्यक्ति 8-8 हजार रुपये का पैकेज था। साथ में खाना और खाना बनाने वाले भी थे। सभी श्रद्धालु पहले अमर कंटक, मैहर देवी, चित्रकूट, वृंदावन रविवार अयोध्या पहुंचे थे। जहां रामलला का दर्शन किया और अन्य मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की। इसके बाद ऑटो से अयोध्या घूमे और मोबाइल में तस्वीर भी कैद की।     रात खाना खाने के बाद हम सभी बस में बैठ गए। वह सोमवार को सुबह तक वाराणसी पहुंचते। जहां श्रीकाशी ...