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हाथरस में भगदड़ की वजह आई सामने, प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा..भोले बाबा का पैर छूने के लिए दौड़ पड़े लोग, 50 बीघा के खेत में 2 लाख उमड़ी थी भीड़

उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना जिस पर सभी की नजर हैं। दरअसल हाथरस में भोले बाबा का सत्संग का आयोजन किया गया था। आज उसका समापन था। समापन के दिन हजारों की संख्या में लोग इस सत्संग में शामिल होने पहुंचे थे। तभी मंगलवार की दोपहर डेढ़ बजे के करीब अचानक भगदड़ मच गयी और अफरा-तफरी मच गयी।


 

इस दौरान 130 से ज्यादा लोगों की दम घूटने से मौत हो गयी। वही करीब 200 लोग इस हादसे में घायल हो गये। मृतकों में महिला, बुजुर्ग, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। मृतकों में सबसे ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की भी आशंका जतायी जा रही है। इतनी बड़ी घटना के बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। 

यूपी के हाथरस में मची भगदड़ की वजह सामने आई है। सत्संग में शामिल प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 50 बीघा के खेत में सत्संग का पंडाल लगाया गया था। जहां दो लाख के करीब भीड़ जुटी थी। सत्संग के समापन के बाद जैसे ही गुरुजी यानि भोले बाबा की कार वहां से निकली। लोगों की भीड़ उनके पैर को छूने के लिए दौड़ पड़ी और तभी भगदड़ मच गई। इस दौरान कई लोग जमीन पर गिर गये और भीड़ उनको रौंदते हुए आगे निकलने लगी। इसी दौरान सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी और करीब 200 लोग घायल हो गये। 

इस हादसे के बाद आज देशभर में भोले बाबा के नाम की ही चर्चा हो रही है। जो इनके बारे में नहीं जानते हैं वो गुगल सर्च कर रहे हैं। दरअसल एटा जिले के बहादुर नगरी गांव के रहने वाले नारायण हरि को लोग भोले बाबा के नाम से जानते हैं। बचपन में अपने पिता के साथ खेती बारी करते थे और पुलिस में जाने के लिए दौड़ धूप किया करते थे। नारायण हरि की बहाली यूपी पुलिस में हो गयी लेकिन बाद में उन्होंने VRS ले लिया और गांव में ही रहने लगे। जिसके बाद भगवान से साक्षात्कार हुआ उसके बाद अपना जीवन मानव कल्याण में लगाने का फैसला ले लिया। अध्यात्म की तरफ जाने के बाद नारायण हरि ने अपना नाम विश्वहरि रख लिया। 

सत्संग में उनकी पत्नी भी साथ रहती है। भोले बाबा की पहचान सफेद सूट है। वो अक्सर सफेद सूट, सफेद जूता और ताई पहनकर ये सत्संग करते हैं और उनकी प्राइवेट आर्मी काले रंग के पोशाक पहने रहती है। आपकों बता दें कि हाथरस में सत्संग का आज समापन हुआ था और अगला कार्यक्रम आगरा में 4 जुलाई से 11 जुलाई तक होना था। इसे लेकर बड़े-बड़े बैनर पोस्टर भी लगाये जा चुके है। आगरा के सत्संग के लिए पूरी तैयारी चल रही थी लेकिन हाथरस की इस घटना के बाद इसके आयोजन पर ही ग्रहण लग गया। बात भोले बाबा की कह रहे थे तो बता दें कि इनको यूपी मे कौन नहीं जानता। 

हाथरस की घटना पर समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने कहा है की जानकारी में होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना होना बहुत दुखद है। उनकी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए सरकार ने क्या किया? ये सबसे बड़ा प्रश्न बनता है। जब तक आप किसी आयोजन पर शुरूआत से लेकर अंत तक ध्यान नहीं देंगे तो इसी तरह की घटना होगी। इसके लिए अगर हमें उम्मीद है कि सरकार घायलों का अच्छा इलाज करवाएगी।

हाथरस की घटना पर पीएम मोदी ने दुख जताया है। संसद में संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने हाथरस में हुई भगदड़ की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने यूपी सरकार को जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।उन्होंने कहा कि यूपी के हाथरस में जो भगदड़ हुई उनमें अनेक लोगों की मौत की दुखद जानकारी मिली। हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।

घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी राज्य सरकार के संपर्क में हैं। मैं सदन के माध्यम से सभी को यह भरोसा देता हूं कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी।

वहीं उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर संज्ञान लिया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर तत्काल प्रभाव से राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों को पुख्ता इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिया है

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