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NEETUG2024 पर आज SC में हुई सुनवाई का सार

नीट यूजी 2024 पेपर लीक पर पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जो हुआ उसे हमें नकारना नहीं चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने 'नीट-यूजी 2004' मामले पर कहा, अगर परीक्षा की शुचिता नष्ट हो जाए तो पुनः परीक्षा का आदेश देना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट ने 'नीट-यूजी 2024' मामले में कहा।


1- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इसमे कोई दो राय नहीं कि परीक्षा की गरिमा प्रभावित हुई है,पेपर लीक हुआ है, पर हमें ये तय करना है कि लीक कितने बड़े स्तर पर हुआ ताकि हम फैसला ले सके कि दुबारा परीक्षा होनी चाहिए या नहीं

2-कोर्ट ने कहा कि दुबारा परीक्षा का कोई आदेश देने से पहले हमें इस बात का एहसास है कि ये 23 लाख छात्रों से जुड़ा मसला है। ऐसा होने पर उनके एकेडमिक शेड्यूल के गड़बड़ा जाने और उनकी दिक्कतों होने का भी हमे एहसास है  

3-कोर्ट ने कहा कि अगर गड़बड़ी कुछ ही सेन्टर तक सीमीत है,पेपर लीक व्यापक स्तर पर नहीं हुआ है तब दुबारा परीक्षा करना सही नहीं होगा

4-CJI ने कहा कि दुबारा परीक्षा आयोजित करने का फ़ैसला देने से पहले हमें ये तय करना होगा :- क्या सिस्टेमेटिक लेवल पर धांधली हुई है। क्याNEET परीक्षा की पूरी प्रकिया ही प्रभावित हो गई है 

क्या उन लोगो को पहचान करना संभव है जिन्होंने इस गड़बड़ी का फायदा उठाया। क्या ऐसे लोगों की उन बाकी लोगों से अलग पहचान करना संभव है, जिन्होंने कोई गड़बड़ी नहीं की

कोर्ट ने कहा कि जब पूरी परीक्षा की प्रकिया ही प्रभावित हो  और गड़बड़ी का फायदा उठाने वाले का बाकी लोगों से अंतर कर पाना मुश्किल हो, तब दुबारा परीक्षा करना ज़रूरी हो जाता है।  वर्ना इसकी ज़रूरत नहीं है

5- कोर्ट ने NTA से पूछा है 

* सबसे पहले पेपर लीक कब हुआ । पेपर लीक और परीक्षा में  आयोजित होने के बीच कितना गैप है पेपर लीक कैसे हुआ। किन माध्यम से हुआ। कितने बड़े स्तर पर हुआ पेपर लीक का फायदा उठाने वाले लोगो की पहचान के लिए क्या कदम उठाए है किन सेंटर पर लीक हुआ है,  कितने संदिग्ध लोगों का रिजल्ट रोका गया है

6-कोर्ट ने NTA और केंद्र सरकार  से पूछा कि क्या साईबर फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से संदिग्ध उम्मीदवारों की पहचान कर सकते हैं? ताकि गड़बड़ी का फायदा उठाने वाले और बेदाग कैंडिडेट के बीच अंतर किया जा सके।

7-कोर्ट ने NTA, केन्द्र सरकार ,CBI को 10मई तक 5 बजे तक जवाब दाखिल करने को कहा है। 

8-11 जुलाई को आगे कोर्ट सुनवाई करेगा

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