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Shardiya Navratri 2023: नवरात्रि शुरु होने के साथ पंडालों वा घरों में कलश स्थापना शुरु...

वही योगी जी का शासनादेश बना पूजा समितियों वा प्रशासन के गले की फांस 


मुख्य सचिव गृह द्वारा भेजे गए  शपथ पत्र प्रारूप से मचा हड़कंप

डीजे के भयानक स्वरूप को लेकर प्रशासन ने कसी कमर

चौकियों में पुलिस जमा करवा रही डीजे की वाइब्रेशन मशीन

केंद्रिय दुर्गा पूजा समिति के संरक्षक राजेन्द्र सेठ रज्जन मधुवन स्वीट के मालिक डी पी गुप्ता ने अफसरों से की है शिकायत

#Bahraich: डायट प्राचार्य ने #D.L.Ed प्रशिक्षुओं संग लगाए ठुमके, #viralvideo

कानून की व्यवस्थाओं का दिया है हवाला 

सीएम योगी आदित्यानाथ के निर्देशों के बाद सख्ती के मूड में प्रशासन

समितियों के आयोजको में बढ़ रही नाराज़गी प्रसाशन के रवैए से आक्रोश

पूजा पंडालो वा आयोजन समितियो को नहीं दिख रहा कोई रास्ता

 प्रशासन का हंटर लेकर पंडाल पर पहुंच रहे अधिकारी 

रज्जन सेठ वा मधुबन डीपी गुप्ता के बयानों के बाद डीजे संचालकों की बढ़ी शामत

वही सभी दुर्गा पूजा समितियों में डीपी गुप्ता के खिलाफ बढ़ रहा आक्रोश

 उनके प्रतिष्ठान से सेवाएं लेने का कर सकते हैं बहिष्कार..

धार्मिक आस्था डीजे संगठन व मिठाई के व्यापार के बीच शुरू हुई तनातनी

“शक्ति दीदी” अभियान को हरी झंडी दिखाकर किया शुभारम्भ...

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कागज़ की किताबें या “सोने-चांदी” का कारोबार ? शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर सवाल

अभिभावकों की जेब पर बढ़ता बोझ, निजी स्कूलों, प्रकाशकों की सांठगांठ पर उठे गंभीर प्रश्न सुल्तानपुर       जिले में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूलों में इस्तेमाल होने वाली पाठ्यपुस्तकों की कीमतों को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम धारणा बनती जा रही है कि कागज़ से छपने वाली इन किताबों के दाम ऐसे वसूले जा रहे हैं, मानो वे “सोने-चांदी” से तैयार की गई हों। स्थानीय स्तर पर कई अभिभावकों का कहना है कि हर साल नए सत्र में स्कूलों द्वारा निर्धारित की गई किताबें केवल चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध होती हैं, जहां उनकी कीमत बाजार दर से कहीं अधिक होती है। इससे यह संदेह गहराता है कि स्कूल प्रबंधन और प्रकाशकों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत है। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली मोटी किताब छापने की वास्तविक लागत इतनी अधिक नहीं होती,जितनी कीमतपाठ्य पुस्तकों की कीमत छात्रों से वसूली जाती है। इसके बावजूद, अभिभावकों को मजबूरन वही किताबें खरीदनी पड़ती हैं, क्योंकि स्कूलों में अन्य विकल्प स्वीकार नहीं किए जाते। शिक्षा माफियाओं का जाल? ...

चढ़ावे की चोरी का पैसा जमीन-मकान में लगा? अयोध्या में दो और कर्मी पकड़े गए: सूत्र

अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के दो और कर्मचारियों को पकड़ा गया है, जिन्होंने चोरी के पैसे से करोड़ों रुपये की जमीन और मकान खरीदे हैं। जांच एजेंसियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों का मासिक वेतन मात्र 18 से 20 हजार रुपये था, लेकिन हाल ही में इन्होंने करोड़ों की संपत्तियां अपने नाम की थीं। इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं: संदिग्ध कर्मचारी और खरीदी गई संपत्तियां लवकुश मिश्रा : मंदिर के दान-गिनती विभाग (कैलकुलेशन रूम) में काम करने वाले इस कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। इसने अयोध्या में 40 लाख रुपये का एक भूखंड खरीदा और उस पर मकान का निर्माण शुरू करवाया। छापेमारी के दौरान इसके घर से करीब 10 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है, जिसे अलमारी और गोबर के ढेर में छुपाकर रखा गया था।   तिवारी (गर्भगृह कर्मी) : राम मंदिर के गर्भगृह में तैनात इस कर्मी के पास भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों को इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी। इसने कुछ महीने पहले अयोध्या में 1.5 करोड़ रुपये की महंगी जमीन खरीदी थी। जांच और बड़ी कार्रव...

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