Skip to main content

गाजा में 'पूरी तबाही' के हालात, अधिकारी ने दी चेतावनी, आखिरी वार करने को इजरायल ने कर ली है तैयारी...

 Gaza Under Attack: गाजा में स्थितियां “पूर्ण तबाही” में बदल गई हैं, जहां इजरायली हमलों से बचने के लिए 23 लाख फिलिस्तीनी नागरिक ना सिर्फ संघर्ष कर रहे हैं, बल्कि उन्हें भोजन और पानी की कमी से भी जूझना पड़ रहा है. सीएनएन ने एक अधिकारी के हवाले से रविवार को यह जानकारी दी

7 अक्टूबर को हमास के घातक हमले से शुरू हुए युद्ध के बीच इजरायल के संभावित जमीनी हमले से पहले गाजा के नागरिकों को भोजन, पानी और सुरक्षा खोजने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. इस क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की बढ़ती तैनाती के बाद इजरायली सेना गाजा की सीमा पर लामबंद हो चुकी है.गाजा में स्थितियां “पूर्ण तबाही” में बदल गई हैं, जहां इजरायली हमलों से बचने के लिए 23 लाख फिलिस्तीनी नागरिक ना सिर्फ संघर्ष कर रहे हैं, बल्कि उन्हें भोजन और पानी की कमी से भी जूझना पड़ रहा है. सीएनएन ने एक अधिकारी के हवाले से रविवार को यह जानकारी दी. इज़रायली सुरक्षा बलों (आईडीएफ) ने शनिवार को कहा था कि उसकी सेनाएं युद्ध के अगले चरण के लिए तैयार हैं, जिसमें इस्लामिक आतंकवादी समूह हमास द्वारा 7 अक्टूबर को किए गए अभूतपूर्व आतंकवादी हमलों के जवाब में “हवा, समुद्र और जमीन से एक साथ हमला” करना शामिल है.

#अलीगढ़: राम बारात में चले तलवार और पत्थर...किसने रची साजिश? | Ram Barat | Aligarh | UP News

हमास के हमले में अब तक इजरायल के कम से कम 1,300 लोग मारे गए हैं, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने “1941 के बाद से यहूदी लोगों का सबसे खराब नरसंहार” बताया है. दरअसल, दूसरा विश्व युद्ध खत्म होने से पहले करीब 10 लाख यहूदियों को बर्लिन में मौत के घाट उतार दिया गया था. बाइडन ने फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास को आतंकवादी संगठन अलकायदा से भी बदतर बताया है. उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इजरायल को अपनी रक्षा के लिए जो कुछ भी चाहिए वह उसके पास हो और वह हमलों का जवाब दे.”

उत्तरी ग़ज़ा छोड़कर जा रहे फ़लस्तीनी काफ़िले पर हमले में 70 की मौत,मृतकों में बच्चे भी शामिल...

वहीं, लंबे समय से चल रहे संघर्ष के और बढ़ने से क्षेत्रीय स्तर पर इसके फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिससे पेंटागन को ईरान और लेबनान में हिजबुल्लाह जैसे ईरानी समर्थक आतंकवादी समूह के खिलाफ उपाय के रूप में क्षेत्र में लड़ाकू जेट के स्क्वाड्रन का आदेश देने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इज़रायली सेना द्वारा नागरिकों को घनी आबादी वाली गाजा पट्टी के उत्तरी क्षेत्रों को छोड़ने के लिए कहने के बाद गाजा की पस्त सड़कों के माध्यम से दक्षिण की ओर भागने वाले निवासियों के लिए समय धीरे-धीरे बीतता जा रहा है.

Comments

Popular posts from this blog

कागज़ की किताबें या “सोने-चांदी” का कारोबार ? शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर सवाल

अभिभावकों की जेब पर बढ़ता बोझ, निजी स्कूलों, प्रकाशकों की सांठगांठ पर उठे गंभीर प्रश्न सुल्तानपुर       जिले में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूलों में इस्तेमाल होने वाली पाठ्यपुस्तकों की कीमतों को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम धारणा बनती जा रही है कि कागज़ से छपने वाली इन किताबों के दाम ऐसे वसूले जा रहे हैं, मानो वे “सोने-चांदी” से तैयार की गई हों। स्थानीय स्तर पर कई अभिभावकों का कहना है कि हर साल नए सत्र में स्कूलों द्वारा निर्धारित की गई किताबें केवल चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध होती हैं, जहां उनकी कीमत बाजार दर से कहीं अधिक होती है। इससे यह संदेह गहराता है कि स्कूल प्रबंधन और प्रकाशकों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत है। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली मोटी किताब छापने की वास्तविक लागत इतनी अधिक नहीं होती,जितनी कीमतपाठ्य पुस्तकों की कीमत छात्रों से वसूली जाती है। इसके बावजूद, अभिभावकों को मजबूरन वही किताबें खरीदनी पड़ती हैं, क्योंकि स्कूलों में अन्य विकल्प स्वीकार नहीं किए जाते। शिक्षा माफियाओं का जाल? ...

चढ़ावे की चोरी का पैसा जमीन-मकान में लगा? अयोध्या में दो और कर्मी पकड़े गए: सूत्र

अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के दो और कर्मचारियों को पकड़ा गया है, जिन्होंने चोरी के पैसे से करोड़ों रुपये की जमीन और मकान खरीदे हैं। जांच एजेंसियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों का मासिक वेतन मात्र 18 से 20 हजार रुपये था, लेकिन हाल ही में इन्होंने करोड़ों की संपत्तियां अपने नाम की थीं। इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं: संदिग्ध कर्मचारी और खरीदी गई संपत्तियां लवकुश मिश्रा : मंदिर के दान-गिनती विभाग (कैलकुलेशन रूम) में काम करने वाले इस कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। इसने अयोध्या में 40 लाख रुपये का एक भूखंड खरीदा और उस पर मकान का निर्माण शुरू करवाया। छापेमारी के दौरान इसके घर से करीब 10 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है, जिसे अलमारी और गोबर के ढेर में छुपाकर रखा गया था।   तिवारी (गर्भगृह कर्मी) : राम मंदिर के गर्भगृह में तैनात इस कर्मी के पास भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों को इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी। इसने कुछ महीने पहले अयोध्या में 1.5 करोड़ रुपये की महंगी जमीन खरीदी थी। जांच और बड़ी कार्रव...

16 से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया!

कोर्ट की टिप्पणी ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या भारत में भी बच्चों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम के दरवाजे बंद होने वाले हैं?" मदुरै (तमिलनाडु): सोशल मीडिया की दुनिया बच्चों की मासूमियत के लिए अब एक बड़ा खतरा बनती जा रही है. अश्लील सामग्री की आसान पहुंच और रील की लत से बच्चों को बचाने के लिए अब मद्रास हाई कोर्ट ने एक बेहद सख्त रुख अपनाया है. ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर लगे सोशल मीडिया बैन का उदाहरण देते हुए अदालत ने केंद्र सरकार से भारत में भी इसी तरह की पाबंदी लागू करने पर विचार करने को कहा है. मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने केंद्र सरकार को 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया वेबसाइटों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है. न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के.के. रामकृष्णन की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की. केंद्र और राज्य सरकारों ने इस मामले पर अपने तर्क पेश किए. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीशों ने अपना आदेश जारी किया. पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2017 में जारी आदेश के अनुसार, यह पुष्टि हो चुकी है कि ऐसे विवादास्पद और अश्लील ...