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पुलिस अभिरक्षा में चकमा देकर फरार हुआ बदमाश, मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ फर्जी दारोगा...

 वाह रे UP पुलिस! जिस फर्जी दारोगा को एनकाउंटर में पकड़ा, वह अस्पताल से भागा

शातिर बदमाश फर्जी दरोगा बनकर लोगों से रंगदारी वसूला करता था. वह कई बार जेल भी जा चुका है. पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी. उसे इलाज के लिए कानपुर के लाला लाजपत राय हैलेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. बदमाश के फरार होने की घटना पर 2 सिपाहियों को सस्पेंड किया गया है.

कानपुर के लाला लाजपत राय हैलेट अस्पताल में इलाज के दौरान एक शातिर बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. बदमाश को जालौन पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था. उसके पैर में गोली लगी थी. शातिर बदमाश फर्जी दरोगा बनकर लोगों से रंगदारी वसूल किया करता था. बदमाश के भाग जाने की सूचना पर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया.

जालौन एसपी ने घायल बदमाश के इलाज की डयूटी पर तैनात 2 सिपाहियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरु की गई है. फरार फर्जी दरोगा की गिरफ्तारी के लिये जालौन पुलिस ने कानपुर पुलिस के साथ मिलकर टीमें गठित की हैं. कानपुर के लाला लाजपत राय हैलेट हॉस्पिटल में घायल शातिर बदमाश जितेंद्र सिंह परिहार को इलाज के लिए भर्ती किया गया था. उसको पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगी थी.

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

घायल बदमाश की निगरानी के लिए उरई कोतवाली में तैनात सिपाही दीपेंद्र और सिपाही तेज सिंह को लगाया गया था. घायल बदमाश दोनों सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गया. जैसे ही इसकी जानकारी ड्यूटी पर लगे सिपाहियों को हुई, उन्होंने बदमाश को खोजना शुरू किया. काफी तलाशने के बाद भी शातिर बदमाश का पता नहीं लगा. सिपाहियों ने उच्च अधिकारियों को बदमाश के फरार होने के बारे में बताया. फर्जी दरोगा के भागने की जानकारी जैसे ही जालौन पुलिस को हुई विभाग में हड़कंप पहुंच गया.

एसपी ने किया सिपाहियों को सस्पेंड

इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए जालौन के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर ईरज राजा ने ड्यूटी पर तैनात उरई कोतवाली के सिपाही दीपेंद्र और तेज सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. सिपाहियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है. इस बारे में जालौन के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कानपुर पुलिस के सहयोग से जालौन पुलिस की टीमें गठित की गई हैं. शातिर बदमाश की तलाश की जा रही है. जल्दी ही इसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

10 नवम्बर को हुई थी मुठभेड़

पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए फर्जी दरोगा के खिलाफ अलग-अलग इलाके में 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह कई बार जेल जा चुका है. 10 नवंबर को उरई कोतवाली क्षेत्र के फैक्ट्री एरिया में एसओजी, उरई कोतवाली पुलिस तथा सर्विलांस टीम के साथ इस फर्जी दरोगा की मुठभेड़ हुई थी. मुठभेड़ में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी थी, इसीलिए उसे इलाज के लिए हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रविवार की रात को यह पुलिस को चकमा देकर घायल हालत में फरार हो गया.

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