Skip to main content

OTS: बैकों के माध्यम से भी जमा होंगे बिजली बिल...

 करोड़ों विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए योगी सरकार की महत्वपूर्ण पहल...

उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जमा करने में कोई परेशानी न हो, वे आसानी से बैंकों के द्वारा अपना विद्युत बिल जमा कर सकें, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उ0प्र0 पावर कारपोरेशन जल्द यह व्यवस्था शुरू करने जा रहा है. अब आप बैकों के माध्यम से भी जमा कर सकते हैं अपना बिजली बिल.

लखनऊ, 28 नवम्बर। उत्तर प्रदेश के करोड़ो विद्युत उपभोक्ता बैंकों के माध्यम से बहुत जल्द अपना विद्युत बिल आसानी से जमा कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश की अनेक बड़ी कम्पनियॉ जिसमें राना पे, बी0एल0एस0 इन्टरनेशनल, सहज, वयमटेक तथा सरल के द्वारा भी बिल कलेक्शन एवं जमा करने की सुविधा मिलेगी। उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जमा करने में कोई परेशानी न हो, वे आसानी से बैंकों के द्वारा अपना विद्युत बिल जमा कर सकें, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उ0प्र0 पावर कारपोरेशन जल्द यह व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। 


नहीं लगानी पड़ेगी लाइन

प्रमुख बैंको एवं कंपनियों के अधिकारियों के साथ मंगलवार को शक्ति भवन में उ0प्र0 पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ आशीष कुमार गोयल के साथ बैठक हुई। जिसमें अध्यक्ष ने कहाकि मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री की मंशा के अनुरूप कारपोरेशन प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सुविघा देना चाहता है। इसी क्रम में उपभोक्ता आसानी से अपना विद्युत बिल बिना लाइन लगाए जमा कर सकें, इसलिए बैंकों और अन्य कम्पनियों के माध्यम से यह सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, पी0एन0बी0, यूनियन बैंक, इण्डिन बैंक तथा एक्सिस बैंक तथा कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 


बिल जमा करने के लिए दिए गए हैं अनेक विकल्प

उल्लेखनीय है कि पावर कारपोरेशन ने उपभोक्ताओं को अभी तक बिल जमा करने की अनेक माध्यमों से सुविधा दे रखी है। जिसमें उपभोक्ता, विभागीय कैश काउन्टर, जन सुविधा केन्द्र, मीटर रीडर, सस्ते गल्ले की सरकारी दूकान, पैक्स, विद्युत सखी-यूपीएस0आर0एल0एम0 वेब साइट पर इन्टरनेट बैंकिंग क्रेडिट डेबिट कार्ड, तथा मोबाइल एप यूपीपीसीएल कन्ज्यूमर्स के माध्यम आदि शामिल है। अध्यक्ष का कहना है कि हमारा प्रयास है कि उपभोक्ता को सही रीडिंग का बिल मिले और वह आसानी से घर बैठे अपनी सुविधानुसार ऑन लाइन, बैंकों या विभिन्न काउन्टरों पर जाकर अपना बिजली बिल जमाकर सके। शक्ति भवन में सम्पन्न इस बैठक में प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

Comments

Popular posts from this blog

कागज़ की किताबें या “सोने-चांदी” का कारोबार ? शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर सवाल

अभिभावकों की जेब पर बढ़ता बोझ, निजी स्कूलों, प्रकाशकों की सांठगांठ पर उठे गंभीर प्रश्न सुल्तानपुर       जिले में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूलों में इस्तेमाल होने वाली पाठ्यपुस्तकों की कीमतों को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम धारणा बनती जा रही है कि कागज़ से छपने वाली इन किताबों के दाम ऐसे वसूले जा रहे हैं, मानो वे “सोने-चांदी” से तैयार की गई हों। स्थानीय स्तर पर कई अभिभावकों का कहना है कि हर साल नए सत्र में स्कूलों द्वारा निर्धारित की गई किताबें केवल चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध होती हैं, जहां उनकी कीमत बाजार दर से कहीं अधिक होती है। इससे यह संदेह गहराता है कि स्कूल प्रबंधन और प्रकाशकों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत है। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली मोटी किताब छापने की वास्तविक लागत इतनी अधिक नहीं होती,जितनी कीमतपाठ्य पुस्तकों की कीमत छात्रों से वसूली जाती है। इसके बावजूद, अभिभावकों को मजबूरन वही किताबें खरीदनी पड़ती हैं, क्योंकि स्कूलों में अन्य विकल्प स्वीकार नहीं किए जाते। शिक्षा माफियाओं का जाल? ...

चढ़ावे की चोरी का पैसा जमीन-मकान में लगा? अयोध्या में दो और कर्मी पकड़े गए: सूत्र

अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के दो और कर्मचारियों को पकड़ा गया है, जिन्होंने चोरी के पैसे से करोड़ों रुपये की जमीन और मकान खरीदे हैं। जांच एजेंसियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों का मासिक वेतन मात्र 18 से 20 हजार रुपये था, लेकिन हाल ही में इन्होंने करोड़ों की संपत्तियां अपने नाम की थीं। इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं: संदिग्ध कर्मचारी और खरीदी गई संपत्तियां लवकुश मिश्रा : मंदिर के दान-गिनती विभाग (कैलकुलेशन रूम) में काम करने वाले इस कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। इसने अयोध्या में 40 लाख रुपये का एक भूखंड खरीदा और उस पर मकान का निर्माण शुरू करवाया। छापेमारी के दौरान इसके घर से करीब 10 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है, जिसे अलमारी और गोबर के ढेर में छुपाकर रखा गया था।   तिवारी (गर्भगृह कर्मी) : राम मंदिर के गर्भगृह में तैनात इस कर्मी के पास भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों को इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी। इसने कुछ महीने पहले अयोध्या में 1.5 करोड़ रुपये की महंगी जमीन खरीदी थी। जांच और बड़ी कार्रव...

16 से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया!

कोर्ट की टिप्पणी ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या भारत में भी बच्चों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम के दरवाजे बंद होने वाले हैं?" मदुरै (तमिलनाडु): सोशल मीडिया की दुनिया बच्चों की मासूमियत के लिए अब एक बड़ा खतरा बनती जा रही है. अश्लील सामग्री की आसान पहुंच और रील की लत से बच्चों को बचाने के लिए अब मद्रास हाई कोर्ट ने एक बेहद सख्त रुख अपनाया है. ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर लगे सोशल मीडिया बैन का उदाहरण देते हुए अदालत ने केंद्र सरकार से भारत में भी इसी तरह की पाबंदी लागू करने पर विचार करने को कहा है. मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने केंद्र सरकार को 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया वेबसाइटों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है. न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के.के. रामकृष्णन की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की. केंद्र और राज्य सरकारों ने इस मामले पर अपने तर्क पेश किए. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीशों ने अपना आदेश जारी किया. पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2017 में जारी आदेश के अनुसार, यह पुष्टि हो चुकी है कि ऐसे विवादास्पद और अश्लील ...