Skip to main content

अफसर बिना अनुमति नहीं जाएंगे जिले से बाहर : डीएम

पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका हटवाएंगे सड़क किनारे का अवैध अतिक्रमण, रेस्टोरेंट होटल और पेट्रोल पंप पर शौचालय स्वच्छ और दुरुस्त रखने का अल्टीमेटम 

  सुलतानपुर/आगामी अयोध्या में आयोजित होने वाले रामोत्सव कार्यक्रम/राम वन पथ गमन मार्ग (चित्रकूट से अयोध्या तक) की ट्रैफिक, साफ-सफाई, अतिक्रमण, सौदर्यीकरण सहित आदि की तैयारियों के दृष्टिगत जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक द्वारा प्रयागराज से अयोध्या मार्ग पर अमेठी-सुलतनपुर बार्डर से लेकर सुलतानपुर से अयोध्या बार्डर तक बस के माध्यम से अपर जिलाधिकारी(प्रशसन) पंकज सिंह सहित अन्य सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ भ्रमण कर स्थितियों का जायजा लिया गया। 

       डीएम, एसपी, सीडीओ व अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारियों ने बस में सवार होकर कलेक्ट्रेट परिसर से पयागीपुर होते हुए अमेठी बार्डर तक, वहां से वापस पयागीपुर, अमहट चौराहा, गभड़िया ओवरब्रिज, के.एन.आई., द्वारिकागंज होते हुए अयोध्या सुलतानपुर बार्डर से वापस टॉटिया नगर चौराहा, लोहरामऊ, पयागीपुर होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान प्रयागराज अयोध्या राजमार्ग पर अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, साफ-सफाई, रोडलाइट, सड़को के किनारे, ओवरब्रिज आदि का सौदर्यीकरण, पौधरोपण, दुकानों के किनारे अतिक्रमण, फुटपाथ सही कराने, पेयजल, टैªफिक आदि के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। इस दौरान राजमार्गों के किनारे पड़ने वाले सभी पेट्रोल पम्प, रेस्टोरेन्ट, ढाबा आदि पर सभी शौंचालयों को मॉडल शौंचालय बनाने, साफ-सफाई, सौदर्यीकरण आदि कराने के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। 

  जिलाधिकारी महोदया द्वारा पी0डब्ल्यू0डी0 विभाग, विद्युत विभाग, जिला पंचायतराज अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, वन विभाग, सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों के विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि राजमार्ग के किनारे सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाये जाये। किसी भी प्रकार का ट्रैफिक जाम नहीं होना चाहिये। उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि कोई भी अधिकारी बिना बताये मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने सभी को निर्देशित किया कि सभी विभाग एकीकृत प्रयास करते हुए सभी व्यवस्थायें ससमय सुनिश्चित करायें। 

पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा द्वारा लॉ एण्ड आर्डर व ट्रैफिक डायवर्जन से सम्बन्धित आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित किया कि जहां भी अतिक्रमण हटाना है वहां जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। 

      मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक द्वारा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अधिकारी अपने विभागीय कर्मचारियों के साथ आज एक आवश्यक बैठक कर आगामी दिनों के रोडमैप को तैयार कर प्रस्तुत करें, जिससे सभी तैयारियों को ससमय सुनिश्चित किया जा सके। 

अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) पंकज सिंह द्वारा सभी विभागों को बिन्दुवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए विस्तृत दिशा निर्देश दिये गये। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आज से ही कार्य प्रारम्भ कर दें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि सभी विभाग अगले कुछ दिनों की कार्ययोजना बनाकर कल प्रस्तुत करें, जिससे सभी व्यवस्थायें त्वरित गति से सुनिश्चित कराई जा सके।   

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 ओ0पी0 चौधरी, उपजिलाधिकारी सदर सी.पी. पाठक, एआरटीओ(प्रशासन) नन्द कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अभिषेक शुक्ला, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका श्यामेन्द्र मोहन, अधिशासी अधिकारी पी0डब्ल्यू0डी0, विद्युत, सिंचाई सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

Comments

Popular posts from this blog

कागज़ की किताबें या “सोने-चांदी” का कारोबार ? शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर सवाल

अभिभावकों की जेब पर बढ़ता बोझ, निजी स्कूलों, प्रकाशकों की सांठगांठ पर उठे गंभीर प्रश्न सुल्तानपुर       जिले में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूलों में इस्तेमाल होने वाली पाठ्यपुस्तकों की कीमतों को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम धारणा बनती जा रही है कि कागज़ से छपने वाली इन किताबों के दाम ऐसे वसूले जा रहे हैं, मानो वे “सोने-चांदी” से तैयार की गई हों। स्थानीय स्तर पर कई अभिभावकों का कहना है कि हर साल नए सत्र में स्कूलों द्वारा निर्धारित की गई किताबें केवल चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध होती हैं, जहां उनकी कीमत बाजार दर से कहीं अधिक होती है। इससे यह संदेह गहराता है कि स्कूल प्रबंधन और प्रकाशकों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत है। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली मोटी किताब छापने की वास्तविक लागत इतनी अधिक नहीं होती,जितनी कीमतपाठ्य पुस्तकों की कीमत छात्रों से वसूली जाती है। इसके बावजूद, अभिभावकों को मजबूरन वही किताबें खरीदनी पड़ती हैं, क्योंकि स्कूलों में अन्य विकल्प स्वीकार नहीं किए जाते। शिक्षा माफियाओं का जाल? ...

चढ़ावे की चोरी का पैसा जमीन-मकान में लगा? अयोध्या में दो और कर्मी पकड़े गए: सूत्र

अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के दो और कर्मचारियों को पकड़ा गया है, जिन्होंने चोरी के पैसे से करोड़ों रुपये की जमीन और मकान खरीदे हैं। जांच एजेंसियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों का मासिक वेतन मात्र 18 से 20 हजार रुपये था, लेकिन हाल ही में इन्होंने करोड़ों की संपत्तियां अपने नाम की थीं। इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं: संदिग्ध कर्मचारी और खरीदी गई संपत्तियां लवकुश मिश्रा : मंदिर के दान-गिनती विभाग (कैलकुलेशन रूम) में काम करने वाले इस कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। इसने अयोध्या में 40 लाख रुपये का एक भूखंड खरीदा और उस पर मकान का निर्माण शुरू करवाया। छापेमारी के दौरान इसके घर से करीब 10 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है, जिसे अलमारी और गोबर के ढेर में छुपाकर रखा गया था।   तिवारी (गर्भगृह कर्मी) : राम मंदिर के गर्भगृह में तैनात इस कर्मी के पास भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों को इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी। इसने कुछ महीने पहले अयोध्या में 1.5 करोड़ रुपये की महंगी जमीन खरीदी थी। जांच और बड़ी कार्रव...

16 से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया!

कोर्ट की टिप्पणी ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या भारत में भी बच्चों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम के दरवाजे बंद होने वाले हैं?" मदुरै (तमिलनाडु): सोशल मीडिया की दुनिया बच्चों की मासूमियत के लिए अब एक बड़ा खतरा बनती जा रही है. अश्लील सामग्री की आसान पहुंच और रील की लत से बच्चों को बचाने के लिए अब मद्रास हाई कोर्ट ने एक बेहद सख्त रुख अपनाया है. ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर लगे सोशल मीडिया बैन का उदाहरण देते हुए अदालत ने केंद्र सरकार से भारत में भी इसी तरह की पाबंदी लागू करने पर विचार करने को कहा है. मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने केंद्र सरकार को 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया वेबसाइटों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है. न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के.के. रामकृष्णन की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की. केंद्र और राज्य सरकारों ने इस मामले पर अपने तर्क पेश किए. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीशों ने अपना आदेश जारी किया. पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2017 में जारी आदेश के अनुसार, यह पुष्टि हो चुकी है कि ऐसे विवादास्पद और अश्लील ...