Skip to main content

ड्राइवर से 'औकात' पूछने वाले शाजापुर कलेक्टर पर एक्शन, CM मोहन यादव बोले- मैं खुद मजदूर का बेटा, इस तरह की भाषा उचित नहीं..

शाजापुर में ट्रक डाइवर्स से जुड़ी घटना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल को हटा दिया है. ड्राइवर से 'औकात' पूछने वाले बयान को लेकर जिलाधिकारी के खिलाफ यह एक्शन लिया गया है.

बता दें कि ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल के बीच शाजापुर के कलेक्टर का एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आया,जिसमें वह एकमीटिंग के दौरान एक ड्राइवर से 'औकात' पूछते नजर आ रहे हैं. बाद में कलेक्टर किशोर कान्याल ने इस शब्द के इस्तेमाल को लेकर अफसोस प्रकट किया था.

    दरअसल, ड्राइवर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग के दौरान कलेक्टर अपना आपा खो बैठे थे. वीडियो में नजर आ रहा है कि जब ड्राइवर्स के एक प्रतिनिधि ने कलेक्टर से ठीक ढंग से बातचीत करने का आग्रह किया तो उन्होंने ड्राइवर्स और अन्य से कानून अपने हाथ में नहीं लेने को कहा. साथ एक एक व्यक्ति से बोले, क्या करोगे तुम, क्या औकात है तुम्हारी?

Comments

Popular posts from this blog

आज के लैला मजनू.. प्यार की जंग में पार किया भारत-पाक बॉर्डर, जानें इस पाकिस्तानी जोड़े की कहानी...

लैला मजनू.. हीर रांझा.., ये वो जमाना था, जब लोग अपने प्यार के लिए मौत को गले लगा लेते थे. अब ऐसा जमाना आ गया है, जहां प्यार पाने के लिए परिवार और समाज के खिलाफ जाकर बॉर्डर पार कर दे रहे हैं.  इसका एक उदाहरण तो हमारे सामने है, सीमा हैदर, जिसने सचिन के लिए अपने देश पाकिस्तान और परिवार को छोड़कर भारत आ गई. अब ऐसा ही और मामला सामने आ रहा है, जहां अपने प्यार को मुकम्मल करने के लिए फिर से एक पाकिस्तानी जोड़े ने भारत-पाकिस्तान का बॉर्डन पार कर दिया. प्यार के लिए अपने देश, परिवार को छोड़कर भारत आई सीमा की कहानी से ये मामला थोड़ा अलग है. यहां दोनों ही पाकिस्तानी है और अपने प्यार के लिए घर से भागकर भारत आ गए. लेकिन यहां चौंकाने वाली चीज इनकी उम्र है, इनकी उम्र इतनी कम है कि आपको एक बार फिर अपना बचपन का प्यार याद आ जाएगा. . . पाकिस्तानी जोड़े को गुजरात के कच्छ से पकड़ा गया. कच्छ के वगाड इलाके के खादिर आइलैंड के रतनापुर गांव के जंगलों में दोनों घूम रहे थे. अजनबी जोड़े को देखकर गांव वालों ने पूछताछ की, दोनों ने खुद को पाकिस्तानी बाताया. बातचीत में पता चला, कि लड़के की उम्र 16 साल है और लड़की 14...

कागज़ की किताबें या “सोने-चांदी” का कारोबार ? शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर सवाल

अभिभावकों की जेब पर बढ़ता बोझ, निजी स्कूलों, प्रकाशकों की सांठगांठ पर उठे गंभीर प्रश्न सुल्तानपुर       जिले में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूलों में इस्तेमाल होने वाली पाठ्यपुस्तकों की कीमतों को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम धारणा बनती जा रही है कि कागज़ से छपने वाली इन किताबों के दाम ऐसे वसूले जा रहे हैं, मानो वे “सोने-चांदी” से तैयार की गई हों। स्थानीय स्तर पर कई अभिभावकों का कहना है कि हर साल नए सत्र में स्कूलों द्वारा निर्धारित की गई किताबें केवल चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध होती हैं, जहां उनकी कीमत बाजार दर से कहीं अधिक होती है। इससे यह संदेह गहराता है कि स्कूल प्रबंधन और प्रकाशकों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत है। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली मोटी किताब छापने की वास्तविक लागत इतनी अधिक नहीं होती,जितनी कीमतपाठ्य पुस्तकों की कीमत छात्रों से वसूली जाती है। इसके बावजूद, अभिभावकों को मजबूरन वही किताबें खरीदनी पड़ती हैं, क्योंकि स्कूलों में अन्य विकल्प स्वीकार नहीं किए जाते। शिक्षा माफियाओं का जाल? ...

चढ़ावे की चोरी का पैसा जमीन-मकान में लगा? अयोध्या में दो और कर्मी पकड़े गए: सूत्र

अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के दो और कर्मचारियों को पकड़ा गया है, जिन्होंने चोरी के पैसे से करोड़ों रुपये की जमीन और मकान खरीदे हैं। जांच एजेंसियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों का मासिक वेतन मात्र 18 से 20 हजार रुपये था, लेकिन हाल ही में इन्होंने करोड़ों की संपत्तियां अपने नाम की थीं। इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं: संदिग्ध कर्मचारी और खरीदी गई संपत्तियां लवकुश मिश्रा : मंदिर के दान-गिनती विभाग (कैलकुलेशन रूम) में काम करने वाले इस कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। इसने अयोध्या में 40 लाख रुपये का एक भूखंड खरीदा और उस पर मकान का निर्माण शुरू करवाया। छापेमारी के दौरान इसके घर से करीब 10 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है, जिसे अलमारी और गोबर के ढेर में छुपाकर रखा गया था।   तिवारी (गर्भगृह कर्मी) : राम मंदिर के गर्भगृह में तैनात इस कर्मी के पास भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों को इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी। इसने कुछ महीने पहले अयोध्या में 1.5 करोड़ रुपये की महंगी जमीन खरीदी थी। जांच और बड़ी कार्रव...