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रंग लगाते हुए कांपते थे हाथ,ददुआ के खौफ से नहीं खेलते थे होली,आजादी के बाद पहली बार मनाएंगे होली का त्यौहार

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले का पाठा क्षेत्र हमेशा दस्यु प्रभावित क्षेत्र रहा है।यहां के लोगों के लिए हर त्यौहार एक आम दिन की तरह ही था।लोग डाकूओं के डर से रात तो दूर दिन में भी घर से बाहर नहीं निकलते थे।बदलते दौर के साथ अब पाठा क्षेत्र की तस्वीरे भी बदल रही है।अब पाठा क्षेत्र डकैतों से तीन दशकों बाद मुक्त हो पाया है।इस बार पाठा क्षेत्र के गांव में होली को लेकर लोगों में कुछ अलग ही उत्साह है। लोग अभी से एक दूसरे को रंग लगाकर होली का जश्न मनाना शुरू कर दिए हैं।

चित्रकूट के मानिकपुर ब्लाॅक के डोडा माफी गांव में जहां पहले ददुआ, बबली, लवकेश जैसे खूंखार डकैतों का राज हुआ करता था।लोग दिन में भी अपने घरों से बाहर निकलने में कतराते थे।गांव में त्यौहार भी आम दिनों की तरह निकल जाता था।डकैतों का सफाया हुआ और अब इस बार डोडा माफी गांव के लोग खुलकर होली मानने को लेकर काफी उत्साहित है।लोग अपने गांव में अभी से ही एक दूसरे को रंग लगाकर होली खेलना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है की अब वह खुलकर हर त्योहार मना पाएंगे,सब के साथ खुशियां बाट सकेंगे।

डोडा माफी गांव के राजेश,गंगू, राधा देवी ने बताया की पहले हमारे गांव के आस पास डकैतों का राज हुआ करता था।हम लोग कोई भी त्यौहार खुलकर नहीं मना पाते थे।शाम होते ही लोग अपने घरों में दुपक जाते थे।अब उनके क्षेत्र से डकैतों के खात्मे के बाद मह लोग बहुत खुश है।अब हम लोग अपने परिवार और गांव वालों के संग होली,दिवाली या अन्य त्यौहार खुलकर सब लोगों के साथ मिल जुलकर मना पा रहे हैं।इस बार होली को लेकर हम लोगों में काफी उत्साह है।इस बार का होली हम लोग बड़ी धूमधाम से मनाएंगे।

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