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Earthquake: 7.5 तीव्रता का भूकंप, टकराई सुनामी की लहरें...

 सुनामी की चेतावनी के बाद लोगों से इशिकावा, निगाता, तोयामा और यामागाता प्रान्तों के तटीय क्षेत्रों को जल्द से जल्द छोड़ने का आग्रह किया गया है। कहा जा रहा है कि 5 मीटर (16 फीट) ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

नए साल पर जापान से एक चिंता करने वाली खबर सामने आ रही है। यहां 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद कई झटके महसूस किए गए। इससे देश के पश्चिमी तट के एक बड़े हिस्से में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, यह भी जानकारी सामने आई है कि इशिकावा प्रांत के वाजिमा शहर में 1.2 मीटर की सुनामी की लहर टकरा गई है। फिलहाल, किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन अधिकारियों को तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं। इस बीच, जापान ने इशिकावा, निगाता और तोयामा, नागानो प्रान्तों के लिए एक और भूकंप की चेतावनी जारी की है। वहीं, सोशल मीडिया पर तोयामा शहर में आई सुनामी का वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि यह वीडियो अभी की है या पहले कभी की। 


इतनी बार महसूस किए गए झटके

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) ने कहा कि जापान के मुख्य द्वीप होन्शू के जापान सागर की ओर नोटो क्षेत्र में स्थानीय समयानुसार शाम चार बजकर छह मिनट पर 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद शाम चार बजकर 10 मिनट पर 7.6 तीव्रता का भूकंप, चार बजकर 18 मिनट पर 6.1 तीव्रता का भूकंप, चार बजकर 23 मिनट पर 4.5 तीव्रता का भूकंप, चार बजकर 29 मिनट पर 4.6 तीव्रता का भूकंप और चार बजकर 32 मिनट पर 4.8 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने बताया कि इसके तुरंत बाद 6.2 तीव्रता का एक और भूकंप आया।

2011 में भूकंप के बाद सुनामी से हुई थीं 18 हजार मौतें

जापान में मार्च 2011 में नौ तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप के कारण जबर्दस्त सुनामी आई थी। तब उठी सुनामी की लहरों ने फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को तबाह कर दिया था। इसे पर्यावरण को नुकसान के लिहाज से बड़ी घटना माना गया था। तब समुद्र में उठी 10 मीटर ऊंची लहरों ने कई शहरों में तबाही मचाई थी। इसमें करीब 18 हजार लोगों की मौत हुई थी।

रिंग ऑफ फायर पर बसा है जापान

जापान भूकंप के सबसे ज्यादा सेंसेटिव एरिया में है। यह पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में आता है। रिंग ऑफ फायर ऐसा इलाका है जहां कॉन्टिनेंटल प्लेट्स के साथ ओशियनिक टेक्टॉनिक प्लेट्स भी मौजूद हैं। ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो भूकंप आता है। इनके असर से ही सुनामी आती है और वॉल्केनो भी फटते हैं।

पिछले साल दिसंबर में आया था फिलीपींस में भूकंप

इससे पहले, पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में फिलीपींस में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.8 मापी गई थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया था कि तड़के करीब 01:20 बजे भूकंप आया था। इसका केंद्र मिंडानाओ में 82 किमी की गहराई में था। 
अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने शुरुआत में फिलीपींस तट के कुछ हिस्सों में तीन मीटर (10 फीट) तक की लहरें उठने का अनुमान लगाया था, लेकिन बाद में सुनामी का कोई खतरा नहीं होने की घोषणा की। बयान में कहा गया कि सभी उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भूकंप से सुनामी का खतरा अब टल गया है। जापान के दक्षिण-पश्चिमी तट पर एक मीटर (3.2 फीट) तक की सुनामी लहरें उठने की आशंका जताई गई थी।  

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